कुचामन में प्याज के दामों पर फूटा किसानों का गुस्सा: MSP, सीधी खरीद की मांग, नहीं मानी तो आंदोलन की चेतावनी


कुचामन सिटी क्षेत्र में प्याज के गिरते दामों और किसानों की बिगड़ती आर्थिक स्थिति को लेकर मंगलवार को किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं और किसानों ने ब्लॉक कांग्रेस उपाध्यक्ष मुनाराम महला के नेतृत्व में उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।


किसानों ने आरोप लगाया कि कुचामन क्षेत्र में बड़े स्तर पर प्याज और सब्जियों का उत्पादन होता है, जिसकी सप्लाई हरियाणा, पंजाब और कोलकाता सहित कई राज्यों में की जाती है, लेकिन इसके बावजूद किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल रहा। एक ओर किसान औने-पौने दामों पर फसल बेचने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर आम उपभोक्ताओं को महंगे दामों पर सब्जियां खरीदनी पड़ रही हैं। किसानों का कहना है कि इस पूरी व्यवस्था में बिचौलियों की मनमानी से किसान और आम जनता दोनों ही पिस रहे हैं।


ज्ञापन में यह भी बताया गया कि प्याज की पैकिंग में काम आने वाले बारदाना (कट्टों) के दामों में भारी बढ़ोतरी हो गई है, जिससे किसानों की लागत लगातार बढ़ रही है और मुनाफा खत्म हो चुका है।
किसान नेता परसाराम बुगालिया ने कहा कि किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है, लेकिन आज वही किसान अपनी उपज का सही दाम पाने के लिए भटक रहा है। उन्होंने सरकार से तुरंत प्याज की सरकारी खरीद शुरू करने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) लागू करने की मांग की। वहीं निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला ने सरकार पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि एक तरफ किसानों की आय दोगुनी करने की बात की जाती है, जबकि दूसरी तरफ किसानों को लागत तक नहीं मिल रही।


किसानों ने चेतावनी दी कि प्याज के दाम इतने नीचे आ गए हैं कि मजदूरी और ढुलाई का खर्च तक नहीं निकल पा रहा है। यदि जल्द राहत नहीं मिली तो किसान खेती छोड़ने को मजबूर हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश न की जाए, अन्यथा कुचामन से प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।


ज्ञापन में प्रमुख रूप से प्याज की सीधी सरकारी खरीद, MSP लागू करने, बाजार हस्तक्षेप योजना (MIS) शुरू करने, बिचौलियों पर रोक लगाने और बारदाना कीमतों पर नियंत्रण करने की मांग की गई है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और सरकार की होगी।


इस दौरान कांग्रेस जिला उपाध्यक्ष शेर खान, निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला, किसान नेता परसाराम बुगालिया, लादूराम डोडवाड़िया, नावा ब्लॉक अध्यक्ष उदय सिंह खारिया, जयप्रकाश शेषमां, युवा नेता कमलकांत डोडवाड़िया, ब्लॉक उपाध्यक्ष मुनाराम महला, भंवरलाल गिला, पूर्व पार्षद जवानाराम, हुसैन लीलगर, गोरधन, हीरालाल सहित कई किसान और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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