“महिलाओं से उनकी जाति और पहचान पूछकर मदद से वंचित करना न केवल अमानवीय है, बल्कि समाज को तोड़ने वाली सोच का परिचायक है।” यह कहना है राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश adhyaksh अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी का, जिन्होंने टोंक जिले की हालिया घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

बताया जा रहा है कि Rajasthan के Tonk district के करेड़ा गांव से जुड़ा है । जहां भाजपा के एक पूर्व सांसद सुखबीर सिंह जौनपुरिया पर आरोप है कि उन्होंने जरूरतमंद महिलाओं से पहले उनकी जाति और धर्म पूछा और फिर कथित रूप से उन्हें सहायता देने से इनकार कर दिया। इस घटनाक्रम ने इलाके में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थानीय महिलाओं का कहना है कि वे सहायता की उम्मीद लेकर पहुंची थीं, लेकिन उनसे उनकी पहचान पूछकर अपमानित किया गया।

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए Rajasthan Pradesh Mahila Congress की टीम गांव पहुंची। जयपुर ज़िलाध्यक्ष Manjulata Meena के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पीड़ित महिलाओं से मुलाकात की, उन्हें गले लगाया और भरोसा दिलाया कि उनका मान-सम्मान किसी भी राजनीतिक विचारधारा से ऊपर है।
प्रदेश अध्यक्ष सारिका सिंह चौधरी ने कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्ति का व्यवहार नहीं, बल्कि उस मानसिकता की झलक है जो इंसानियत से पहले जाति और धर्म की दीवार खड़ी करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के शीर्ष नेतृत्व—Narendra Modi और Amit Shah—के दौर में शुरू हुई विभाजनकारी राजनीति को कुछ नेता गांव-गांव तक ले जाकर सामाजिक सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने भाजपा नेताओं से सवाल करते हुए कहा, “क्या यही आपकी राजनीति है, जिसमें जरूरतमंद महिलाओं से पहले उनकी जाति और धर्म पूछा जाता है?

महिला कांग्रेस की टीम ने स्पष्ट किया कि All India Mahila Congress की राष्ट्रीय अध्यक्ष Alka Lamba के मार्गदर्शन में संगठन हर उस महिला के साथ मजबूती से खड़ा रहेगा जिसे भेदभाव या अपमान का सामना करना पड़ता है।
सारिका सिंह चौधरी ने कहा कि राजस्थान की धरती पर नफरत और विभाजन की राजनीति नहीं चलेगी। यहां सद्भाव, सम्मान और समान अधिकार की परंपरा को ही आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग भी की है।
