कुचामन सिटी उपखंड के पांचवां गांव के निवासी कमरुद्दीन गौरी की पांच वर्षीय पुत्री सादिया बानो ने रमज़ान माह के पांचवें रोज़े के मौके पर सोमवार को अपनी ज़िंदगी का पहला रोज़ा रखकर घर-परिवार का सिर फख्र से ऊंचा कर दिया। कम उम्र में इबादत का यह जज़्बा देखकर परिजन बेहद खुश नजर आए।
रमज़ान के मुकद्दस महीने के पांचवे रोजे के दिन सादिया बानो ने बड़े शौक़ और खुशी के साथ सहरी में हिस्सा लिया। परिवार के सदस्यों ने उन्हें प्यार से रोज़े की अहमियत समझाई और नीयत करवाई। नन्ही सादिया ने पूरे दिन सब्र और हिम्मत के साथ रोज़ा रखा। दिन भर वह कभी दुआ पढ़ती तो कभी अपने मासूम अंदाज़ में “इबादत” करती नजर आईं।

शाम को इफ्तार के वक्त घर में खास रौनक देखने को मिली। जैसे ही इफ्तार का वक्त हुआ, सादिया बानो ने खजूर और पानी से अपना पहला रोज़ा खोला। इस मौके पर परिवारजनों ने उन्हें मिठाई खिलाकर मुबारकबाद दी और दुआओं से नवाज़ा। घर का माहौल पूरी तरह रूहानी और खुशी से सराबोर हो गया।
परिजनों ने बताया कि बच्चों में दीनी तालीम और अच्छे संस्कार बचपन से ही डालने चाहिए, ताकि वे आगे चलकर नेक राह पर चलें।
