कुचामन में बढ़ते नशे के खिलाफ संगठनों ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन : युवाओं को बचाने सड़क पर उतरीं संस्थाएं

कुचामन सिटी में नशे का बढ़ता जाल शहर की सबसे बड़ी सामाजिक चिंता बन चुका है। युवाओं के भविष्य पर मंडराते इस खतरे को लेकर सोमवार को दो संस्थाओं ने उपखंड अधिकारी (SDM) कार्यालय पहुंचकर अलग-अलग ज्ञापन सौंपे और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की। शहरवासियों ने साफ शब्दों में कहा कि यदि समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो कुचामन भी “उड़ता” शहर बनने से नहीं बच पाएगा।

मदरसा इस्लामिया सोसायटी ने अवैध नशे के कारोबार पर रोक की मांग उठाई

मदरसा इस्लामिया सोसायटी की मेला कमेटी के सदर मोहम्मद हुसैन लीलगर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में युवा एसडीएम कार्यालय पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन में बताया कि कुचामन सिटी में अवैध रूप से नशीले पदार्थों का कारोबार चल रहा है, जिसकी चपेट में आकर कई नवयुवक गलत संगत में पड़कर अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि अवैध रूप से नशा बेचने वालों पर तुरंत अंकुश लगाया जाए, ताकि युवाओं और उनके परिवारों को बर्बादी से बचाया जा सके।


ज्ञापन सौंपने के बाद मोहम्मद हुसैन लीलगर ने कहा कि “आज कुचामन के घर-घर में चिंता है। मां-बाप अपने बच्चों को लेकर डरे हुए हैं। अगर प्रशासन ने सख्त कदम नहीं उठाए तो एक पूरी पीढ़ी बर्बाद हो सकती है। हम चाहते हैं कि कुचामन की पहचान शिक्षा और संस्कार से हो, न कि नशे से।”

भगत सिंह यूथ ब्रिगेड ने विशेष अभियान चलाने की मांग की

इसी क्रम में भगत सिंह यूथ ब्रिगेड ने भी उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदेशाध्यक्ष एवं विश्व जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष परसाराम बुगालिया की अगुवाई में प्रतिनिधिमंडल ने शहर में बढ़ते नशे के प्रचलन और कुछ होटल-कैफे में संचालित संदिग्ध गतिविधियों पर गंभीर चिंता जताई।
ज्ञापन में कहा गया कि शहर में नशीले पदार्थों का अवैध व्यापार लगातार बढ़ रहा है और खुलेआम बिक्री की शिकायतें मिल रही हैं, जिससे युवा वर्ग तेजी से इसकी गिरफ्त में आ रहा है। साथ ही कुछ स्थानों पर अनैतिक गतिविधियों की सूचनाओं को भी सामाजिक वातावरण के लिए घातक बताया गया।


ब्रिगेड ने प्रशासन से मांग की कि नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाए, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, होटल-कैफे की नियमित जांच की जाए, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
इस मौके पर झूमरमल बिजारणिया, कमलकांत डोडवाडिया, मुनाराम महला, लादुराम डोडवाडिया, बिरमाराम किरडोलिया, मुकेश जाखड़, हिराला, बलवीर रणवा, दिनेश भगत, सुनील, मुकेश लेगा, अजय-विजय बिजारणिया, गोरधन नहरा, मुलाराम महला, प्रहलाद, राजेश कुमार, बिरमाराम बांगड़वा सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।

शहर के भविष्य का सवाल

कुचामन सिटी में बढ़ता नशा अब केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि सामाजिक और नैतिक संकट का रूप लेता जा रहा है। अभिभावकों की चिंता, युवाओं का भटकाव और संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हैं।


दोनों संस्थाओं ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कुचामन की सामाजिक गरिमा और युवा पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित रखना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। अब निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं कि वह इस गंभीर समस्या पर कितनी तेजी और सख्ती से कदम उठाता है।

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