मकराना–मंगलाना मार्ग स्थित रेलवे ओवरब्रिज के खिसकने के बाद प्रशासन द्वारा भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। पुलिया के पास लोहे की गार्ड लगाए जाने से मार्ग की ऊँचाई भी कम हो गई है, जिससे आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है और क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इस स्थिति का सबसे अधिक असर युवा हिन्दू गौ रक्षा सेवा समिति, मकराना की गौसेवा एंबुलेंस पर पड़ रहा है। युवा हिन्दू गौ रक्षा सेवा समिति, मकराना के संस्थापक पूरणमल (सुरेश कुमावत) ने बताया कि उनकी एंबुलेंस प्रतिदिन ग्राम मंगलाना, कुचामन–परबतसर हाईवे मार्ग तथा आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से दुर्घटनाग्रस्त और घायल गौवंश को उपचार के लिए लाती है, लेकिन मार्ग की कम ऊँचाई के कारण एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंच पा रही है। इससे घायल गौवंश के उपचार में देरी हो रही है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

समिति का कहना है कि यह समस्या केवल गौसेवा तक सीमित नहीं है, बल्कि आमजन के लिए भी आवागमन में बाधा बन रही है। आपातकालीन सेवाओं के वाहनों को भी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे जनहित प्रभावित हो रहा है।
इसी को ध्यान में रखते हुए युवा हिन्दू गौ रक्षा सेवा समिति ने प्रशासन से मांग की है कि जब तक झज्जर पुलिया का निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक ग्राम दिलढाणी स्थित बंद रेलवे फाटक को पूर्ण रूप से चालू किया जाए। इससे गौसेवा एंबुलेंस सहित अन्य आवश्यक सेवा वाहनों और आमजन को वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा और राहत मिलेगी।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो घायल एवं पीड़ित गौवंश की जान को खतरा बना रहेगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभागों की होगी।
l
