नागौर जिला मुख्यालय पर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) की नई चौकी विधिवत शुरू कर दी गई है। गुरुवार को एटीएस, एजीटीएफ एवं एएनटीएफ के अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस दिनेश एम.एन. ने वर्चुअल माध्यम से प्रदेश की छह नवसृजित चौकियों का उद्घाटन किया, जिनमें नागौर चौकी भी शामिल है। इसके साथ ही राज्य में एएनटीएफ की कुल 16 चौकियां सक्रिय हो चुकी हैं।
नागौर मुख्यालय : तीन जिले रहेंगे कार्यक्षेत्र
नागौर में स्थापित यह चौकी मुख्यालय के रूप में कार्य करेगी और नागौर, डीडवाना–कुचामन तथा सीकर जिलों में मादक पदार्थों के विरुद्ध संयुक्त कार्रवाई संचालित करेगी। यह क्षेत्र परिवहन मार्गों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, ऐसे में यहां से अंतर-जिला समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई संभव होगी। चौकी को भवन, फर्नीचर और तकनीकी उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। दो मोटरसाइकिलें उपलब्ध करवाई गई हैं तथा शीघ्र ही चौपहिया वाहन भी प्रदान किया जाएगा, जिससे गश्त और धरपकड़ अभियान को और गति मिलेगी।

निरीक्षक इमरान खान बने प्रथम प्रभारी
नवस्थापित नागौर चौकी के प्रथम प्रभारी के रूप में पुलिस निरीक्षक इमरान खान को नियुक्त किया गया है। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने स्पष्ट किया कि तीनों जिलों में नशे के तस्करों की पहचान कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में लिप्त व्यक्ति स्वयं यह धंधा छोड़ दें, अन्यथा एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त समाज के लिए पुलिस और जनता का समन्वय आवश्यक है।
नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना ही चौकियों की स्थापना का उद्देश्य: विकास कुमार
एटीएस एवं एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि राज्य में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने और जमीनी स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एएनटीएफ का विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि नई चौकियों की स्थापना से आसूचना संकलन मजबूत होगा, तस्करी के मार्गों पर निगरानी बढ़ेगी और उत्पादन से लेकर परिवहन तक पूरे नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया जा सकेगा।

उन्होंने यह भी बताया कि प्रतापगढ़ और झालावाड़ में उत्पादन क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए चौकियां स्थापित की गई हैं, जबकि नागौर सहित अन्य जिलों में परिवहन और सप्लाई चैन पर नियंत्रण की रणनीति के तहत विस्तार किया गया है।
चार महीनों में 105 से अधिक बड़ी कार्रवाइयां
गौरतलब है कि एएनटीएफ ने गठन के मात्र चार महीनों में 105 से अधिक कार्यवाहियां कर नशे के कारोबारियों में खलबली मचा दी है। ईनामी अपराधियों की गिरफ्तारी और सिंथेटिक ड्रग्स के विरुद्ध कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नशे के खिलाफ अभियान लगातार और निर्णायक रहेगा।
नागौर में शुरू हुई यह नई चौकी अब तीन जिलों में समन्वित और सख्त कार्रवाई का केंद्र बनेगी, जिससे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाए जाने की उम्मीद है।
