आभानगरी डीडवाना की पावन धरा पर माहेश्वरी समाज की आस्था उस समय अपने चरम पर दिखाई दी, जब माँधनिया और भराडिया परिवार की कुलदेवी सुरल्या माताजी का दो दिवसीय वार्षिक उत्सव श्रद्धा, उत्साह और भक्ति भाव के साथ संपन्न हुआ। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि समाज की एकता, संस्कृति और संस्कारों को भी सशक्त रूप से सामने रखा।

देशभर से उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था
दो दिन तक चले उत्सव के दौरान सुरल्या माताजी के जयकारों से डीडवाना गूंज उठा। राजस्थान के साथ-साथ मध्य प्रदेश, कर्नाटक, दिल्ली और महाराष्ट्र सहित देश के कई राज्यों से श्रद्धालु अपनी कुलदेवी के दर्शन के लिए यहां पहुंचे। कुलगुरु पंडित अमित व्यास के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सामूहिक अभिषेक किया गया। मंदिर परिसर को फूलों और आकर्षक विद्युत सजावट से भव्य रूप दिया गया, जहां माता को छप्पन भोग अर्पित कर विशेष आरती का आयोजन हुआ।

नवीन माहेश्वरी का संदेश: जड़ों से जुड़े रहना ही सच्ची सफलता
उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में कोटा एलन ग्रुप के चेयरमैन नवीन माहेश्वरी की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की। समाज की ओर से उनका साफा और माला पहनाकर भव्य स्वागत किया गया। मंच से संबोधित करते हुए नवीन माहेश्वरी भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि डीडवाना उनकी कुलदेवी और कुलगुरु की भूमि है और इस पवित्र स्थान से उनका आत्मिक जुड़ाव है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि आधुनिकता और सफलता की दौड़ में अपने संस्कार, कुलदेवी और कुलगुरु को कभी न भूलें। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन समाज में समरसता बढ़ाते हैं और हमारी सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हैं।
पंडित सुखदेव प्रसाद व्यास को श्रद्धांजलि: विद्वत्ता और साधना का प्रतीक
उत्सव के दौरान सुरल्या माताजी के प्रधान अर्चक, भागवत भूषण स्वर्गीय पंडित सुखदेव प्रसाद व्यास की 31वीं पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कोटा एलन ग्रुप के चेयरमैन नवीन माहेश्वरी एवं समिति संरक्षक लक्ष्मण माहेश्वरी ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को स्मरण किया।

वक्ताओं ने कहा कि स्वर्गीय पंडित सुखदेव प्रसाद व्यास न केवल सुरल्या माताजी के प्रधान अर्चक थे, बल्कि इस नगर के प्रखंड भागवत वक्ता, महान विद्वान और शास्त्रों के गहन ज्ञाता भी थे। उनका जीवन धार्मिक साधना, समाज सेवा और ज्ञान परंपरा का प्रेरणास्रोत रहा, जिसकी छाया आज भी समाज को मार्गदर्शन देती है।
प्रतिभाओं का सम्मान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन
कार्यक्रम केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं रहा। समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित कर नई पीढ़ी को प्रेरित किया गया। मध्य प्रदेश न्यायिक सेवा में तीसरी रैंक प्राप्त करने वाली रिया माँधनिया को विशेष रूप से सम्मानित किया गया, जिसे समाज ने गर्व का क्षण बताया।
इससे पूर्व सांस्कृतिक संध्या में महिलाओं और बालिकाओं ने भजनों एवं देशभक्ति गीतों पर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिसने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया। कार्यक्रम में एडिशनल एसपी हिमांशु शर्मा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

श्रद्धा और एकता की मिसाल बना दो दिवसीय उत्सव
दो दिनों तक चला सुरल्या माताजी का यह वार्षिक उत्सव श्रद्धा, संस्कृति और सामाजिक एकता की एक नई मिसाल बनकर संपन्न हुआ। आयोजन ने यह संदेश दिया कि जब आस्था और संस्कार एक साथ चलते हैं, तब समाज मजबूत और संस्कृतिपूर्ण बनता है।
