राजस्थान सरकार द्वारा शहरी श्रमिकों को आर्थिक संबल प्रदान करने और शहरों को स्वच्छ–हरित बनाने हेतु चलाई जा रही मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना कुचामन सिटी में उल्लेखनीय सफलता का उदाहरण बन गई है। नगर परिषद की विशेष निगरानी में चलाए गए पौधारोपण अभियान ने शहर में हरियाली के नए आयाम स्थापित किए हैं।

इस अभियान के तहत शहर के न्यू फायर स्टेशन, मेघवाल समाज श्मशान, कुमावत समाज श्मशान, शाकम्मरी माता मंदिर परिसर सहित कई महत्वपूर्ण स्थानों पर नीम, बरगद, पीपल, कंरज, गुलेर, कनेर, शीशम, अमलतास सहित 40 से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पौधे लगाए गए। इन पौधों के संरक्षण हेतु नगर परिषद द्वारा ड्रिप सिस्टम, टैंकर सिंचाई, तथा सुरक्षा घेराबंदी जैसी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गईं, ताकि पौधों का विकास सुरक्षित और नियमित रूप से हो सके।
नगरपरिषद आयुक्त शिकेश कांकरिया ने बताया कि यह पौधारोपण अभियान केवल हरियाली बढ़ाने की पहल नहीं है, बल्कि आने वाले वर्षों में यह कुचामन सिटी के पर्यावरण संरक्षण में मील का पत्थर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना ने शहर को एक हरित वातावरण देने के साथ-साथ सैकड़ों श्रमिकों को नियमित रोजगार का सम्मानजनक अवसर प्रदान किया है। हमारा लक्ष्य है कि कुचामन सिटी को अगले कुछ वर्षों में ग्रीन सिटी के रूप में विकसित किया जाए। इस बारे में सभापति सुरेश सिखवाल ने अभियान की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि नगर परिषद की टीम ने पौधारोपण को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि एक जन–आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया है। स्थानीय स्तर पर लगाए गए ये पौधे आने वाले वर्षों में शहर की पहचान बनेंगे। हम जल्द ही और बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाने के लिए नए ग्रीन जोन विकसित करेंगे। उन्होंने बताया कि यह पूरी पहल शहरवासियों और भामाशाहों के सहयोग से और भी प्रभावी बनेगी।

टीम का सराहनीय योगदान
इस पूरे मिशन में रायसिंह मीणा, कनिष्ठ तकनीकी सहायक वरुण जाग्रत, लेखा सहायक हरीश जांगिड, एमआईएस सहायक ताराचंद कुमावत सहित नगर परिषद की पूरी टीम का योगदान विशेष रूप से सराहनीय रहा।
पर्यावरण, रोजगार और सामाजिक सरोकार—तीनों में सफल मिसाल
इस अभियान ने न केवल शहर में हरियाली बढ़ाई है, बल्कि स्थानीय श्रमिकों को रोजगार भी उपलब्ध कराया है। इस तरह यह पहल पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक—तीनों दृष्टियों से एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम साबित हुई है।
