रमेश रूलानिया हत्याकांड में बड़ी कामयाबी: मामले का मास्टरमाइंड जीतू चारण और साथी रविंद्र सिंह गिरफ्तार, 23 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर

कुचामन सिटी के बहुचर्चित कारोबारी रमेश रूलानिया हत्याकांड में डीडवाना–कुचामन पुलिस को लगातार मिल रही सफलताओं की कड़ी में मंगलवार को पुलिस ने रोहित गोदारा–वीरेंद्र चारण गैंग के मुख्य गुर्गे और रमेश रुलानिया हत्याकांड मामले में गैंग और शूटर्स के बीच ब्रिज की भूमिका निभाने वाले जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू चारण और उसके सहयोगी रविंद्र सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत से 23 नवंबर तक पुलिस रिमांड पर लिया है। एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि जीतू चारण इस हत्याकांड का मुख्य साजिशकर्ता था और उसने ही गैंग को हथियार व आर्थिक मदद उपलब्ध करवाई थी।

कैसे चढ़े जीतू चारण और रविंद्र सिंह पुलिस के हत्थे

एसपी ऋचा तोमर के निर्देशन, एएसपी नेमीचंद खारिया और सीओ मुकेश चौधरी की सुपरविजन में थानाधिकारी सतपाल सिंह की टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी। मुख्य आरोपी जीतू चारण को 17 नवंबर को दिल्ली पुलिस ने नांवा कोर्ट में पेश किया था, जहाँ से उसे रमेश रूलानिया हत्याकांड के अनुसंधान हेतु कुचामन पुलिस को सुपुर्द किया गया।
मंगलवार को कुचामन पुलिस ने जीतू को एसीजेएम कोर्ट में पेश कर 23 नवंबर तक रिमांड प्राप्त किया है ।जीतू के सहयोगी रविंद्र सिंह को भी कुचामन पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और उसे भी 23 नवंबर तक रिमांड मिला।

ये था पूरा मामला

7 अक्टूबर 2025 की सुबह 5:20 बजे रूलानिया रोज की तरह जिम पहुंचे थे। वर्कआउट के दौरान एक युवक ने जिम में घुसकर उन पर गोली चलाई और फरार हो गया। गंभीर रूप से घायल रूलानिया को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों के अनुसार रूलानिया को पहले भी जान से मारने की धमकियाँ मिल चुकी थीं।

अब तक की कार्रवाई: 16 गिरफ्तार, 1 नाबालिग निरुद्ध

घटना के बाद पुलिस ने तेजी दिखाते हुए अब तक— सफीक खान, किशन लाल गुर्जर, खुशीराम, दिनेश, रामकेश, रामसिंह और पवन चारण को 10 अक्टूबर को गिरफ्तार किया। इसके बाद मामले में पुलिस ने एक नाबालिग को निरुद्ध किया । मुख्य आरोपी गणपत गुर्जर, महेश गुर्जर, धर्मेंद्र उर्फ देवा और जुबेर अहमद को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 15 नवंबर को सुरेंद्र पालावत और राहुल मांडिया को गिरफ्तार किया गया। गैंग का सक्रिय सदस्य मोहम्मद अफताब भी अब पुलिस की गिरफ्त में है और आखिर में जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू चारण और रविंद्र सिंह की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने गैंग की साजिश को और स्पष्ट कर दिया है।

जीतू चारण की भूमिका क्या थी?

जांच में सामने आया कि—जीतू चारण रोहित गोदारा–वीरेंद्र चारण गैंग का मुख्य गुर्गा है। पूरी साजिश को अंजाम तक पहुंचाने में मास्टरमाइंड की भूमिका निभाई। हत्या के लिए शूटर्स को तैयार करने के साथ शूटर्स को हथियार उपलब्ध कराने, ठिकाने दिलाने और हत्या के लिए आर्थिक सहायता जुटाने की जिम्मेदारी भी उसी की थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वह गैंग की फंडिंग, हथियार सप्लाई और कम्युनिकेशन चैन संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता था।

पुलिस अब किन पहलुओं पर कर रही है पूछताछ?

पुलिस टीम अब रिमांड अवधि के दौरान दोनों से पूछताछ में हत्याकांड में शामिल अन्य सहयोगियों,हथियार सप्लाई चेन, गैंग की फंडिंग रूट, साजिश की पूरी प्लानिंग के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी जुटा रही है।

कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम

थानाधिकारी सतपाल सिंह की अगुवाई में हेड कॉन्स्टेबल गजेन्द्र सिंह, कॉन्स्टेबल केशाराम, कमलेश कुमार, देवीलाल, लाल सिंह, छोटूराम, जितेन्द्र, और बनवारीलाल ने संयुक्त रूप से कार्रवाई में शामिल रहे ।

error: News 1 Rajasthan