डीडवाना : समाज में सादगी और दहेज-मुक्त विवाह की परंपरा को बढ़ावा देने के लिए KKYB (कायमखानी यूथ ब्रिगेड) की मुहिम लगातार नई ऊंचाइयाँ छू रही है। इसी कड़ी में छोटी बेरी के मलकाण (सेदखानी) परिवार ने KKYB की प्रेरणा से एक और समाज में एक और मिसाल पेश की।

परिवार ने अपने लाड़ले बेटे आरिफ़ खान का निकाह पूरी सादगी से और बिना किसी लेन-देन के मात्र एक नारियल लेकर संपन्न किया। शादी में किसी भी तरह की दिखावटी रस्म, बान, मेंहदी, बैंड या गाना-बजाना शामिल नहीं था। समारोह पूरी तरह से सुन्नत के अनुसार और सादगी से सम्पन्न हुआ।

दूल्हे आरिफ़ खान ने इस अवसर पर कहा हम सबको इन गैर-ज़रूरी रस्मों से दूरी बनाकर निकाह को आसान बनाना चाहिए। जब शादी दिखावे से नहीं, बल्कि नेक नीयत और सादगी से होती है, तभी उसमें असली बरकत आती है।”
आरिफ़ खान का हाल ही में शारीरिक शिक्षक (पीटीआई) के रूप में चयन भी हो चुका है, जिससे समाज में एक शिक्षित और जागरूक युवा के रूप में उनका यह कदम और भी सराहनीय बन गया है।

इस मौके पर KKYB के सक्रिय सदस्य शौकत ख़ान दिलावर बेरी (SKD) ने कहा आज समाज को आरिफ़ जैसे युवाओं की ज़रूरत है, जो खुद आगे आकर बिना लेन-देन के विवाह करके बदलाव की राह दिखा रहे हैं। जब शिक्षित नौजवान ऐसी मिसाल पेश करते हैं, तो समाज खुद-ब-खुद दिशा बदलने लगता है। KKYB का यही मकसद है — निकाह को आसान बनाना और दिखावे की परंपराओं को ख़त्म करना।

इस सादगीपूर्ण निकाह ने पूरे इलाके में सकारात्मक संदेश दिया है। लोग इसे दहेज-मुक्त समाज की ओर बढ़ता मजबूत कदम मान रहे हैं। छोटी बेरी से शुरू हुई यह मुहिम अब धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में नई सोच और नई परंपरा का रूप ले रही है — जहां शादी सादगी से हो, खुशी ईमानदारी से हो और रिश्ता सिर्फ बरकत और मोहब्बत से जुड़ा हो।
