पेंशनर्स समाज जिला डीडवाना–कुचामन की त्रैमासिक बैठक रविवार को पुराने पंचायत समिति भवन में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन सरंक्षक मुंशी खान मोयल और सभाध्यक्ष भंवरलाल वर्मा के सानिध्य में किया गया, जिसकी अध्यक्षता जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद वैष्णव ने की।

बैठक की शुरुआत उपाध्यक्ष अब्दुल हमीद परिहार ने की, जिन्होंने पिछली बैठक की कार्यवाही और प्रदेश पेंशनर्स कार्यालय में प्रस्तावित कॉरिडोर व प्रतिमा स्थापना की जानकारी दी।
जिला प्रवक्ता मनवर अली उसमानी ने बताया कि बैठक में परबतसर के नव-नियुक्त जिला संगठन मंत्री अशोक कुमार पुरोहित, लाडनू के सूर्य प्रकाश सिखवाल, और बोरावड़ के बजरंगलाल वैष्णव ने अपनी तहसीलों से संबंधित पेंशनर्स की समस्याएं रखीं।

पुरोहित ने कहा कि पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाली महिलाओं की सहायता के लिए प्रत्येक तहसील में महिला प्रतिनिधियों को कार्यकारिणी में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ सरलता से मिल सके। उन्होंने यह भी प्रस्ताव रखा कि आगामी माह में जीवन प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को लेकर हर तहसील स्तर पर अभियान चलाया जाए, ताकि सभी पेंशनर्स का जीवन प्रमाणपत्र समय पर कोषालय या उपकोषालय में जमा हो सके — यही सच्ची सेवा भावना होगी।

बैठक में संरक्षक मुंशी खान मोयल ने 1 जनवरी 2016 के पेंशनर्स के बकाया स्थिरीकरण और 1 जून से लागू वेतनवृद्धि के मामलों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सभी बकाया प्रकरण तैयार होकर ऑनलाइन भेजे जा चुके हैं, और कोषाधिकारी द्वारा अगले माह तक भुगतान का आश्वासन दिया गया है।
बैठक में तहसील अध्यक्ष लाडनू के हर्नाथ पुनिया, परबतसर के रामलाल टेलर और बोरावड़ के शाहबाज खान सहित जिलेभर के पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर नानूराम चोयल, डॉ. कैलाशचंद्र गुप्ता, रामप्रसाद वैष्णव, ताराचंद सेन, छितरमल आसेरी, भोजराज पुसवड़िया, द्वारकाप्रसाद शर्मा, अमरू खान, रमेशचंद्र सेन, रतनाराम, हनुमान कच्छावा, जगदीश स्वामी और जीवनराम सेन सहित अनेक वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद थे।

जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद वैष्णव ने चुनाव के बाद पहली बैठक में उपस्थित सभी आगंतुकों का स्वागत किया और अपनी नई कार्यकारिणी के सदस्यों का परिचय कराया। उन्होंने जिला स्तर पर पेंशनर्स हित में किए गए प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि किसी भी पेंशनर्स की समस्या लिखित रूप में तहसील अध्यक्ष या जिला कार्यालय को दी जाए, ताकि शीघ्र समाधान किया जा सके।
द्वारकाप्रसाद शर्मा की अगुवाई में जिला मुख्यालय पर पेंशन भवन के लिए भूमि आवंटन हेतु जिला कलेक्टर से वार्ता की जानकारी भी दी गई। आरजीएचएस योजना में दवा उपलब्धता को लेकर चर्चा करते हुए तय किया गया कि यदि किसी क्षेत्र में दवाओं की कमी या समस्या हो, तो संबंधित चिकित्सा प्रभारी को लिखित रूप में अवगत कराया जाए और उसकी प्रति जिला कार्यालय को भेजी जाए, ताकि शीघ्र समाधान कराया जा सके।

अंत में सभी पेंशनर्स से सदस्यता ग्रहण करने, डेटा तैयार कराने और सहायता राशि जमा करवाने का आह्वान किया गया। बैठक का समापन संरक्षक मुंशी खान मोयल और सभाध्यक्ष भंवरलाल वर्मा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
