रमेश रूलानिया हत्याकांड में गिरफ्तार सात सहयोगी आरोपियों की शहर में परेड, परबतसर कोर्ट में पेशी के बाद 17 अक्टूबर तक भेजे रिमांड पर

रमेश रूलानिया हत्याकांड में गिरफ्तार सात सहयोगी आरोपियों की शहर में परेड, परबतसर कोर्ट में पेशी के बाद 17 अक्टूबर तक भेजे रिमांड पर

कुचामन पुलिस ने सुरक्षा घेरे में आरोपियों की पैदल परेड करवाई, सैकड़ों लोग जुटे, “पुलिस प्रशासन जिंदाबाद” के लगे नारे

कुचामन के चर्चित रमेश रूलानिया हत्याकांड में गिरफ्तार सात सहयोगी आरोपियों को शनिवार को पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शहर में पैदल परेड के रूप में अस्पताल तक ले जाया। पुलिस ने इन्हें गाड़ियों में ले जाने की बजाय सुरक्षा घेरे में पैदल ही कुचामन पुलिस थाने से जिला अस्पताल तक पहुंचाया, जहां सभी का मेडिकल मुआयना कराया गया।

जुलूस के दौरान शहरभर में सैकड़ों लोग सड़कों पर जमा हो गए। लोगों ने पुलिस के इस कदम का समर्थन करते हुए “पुलिस प्रशासन जिंदाबाद” के नारे लगाए। आरोपियों के चारों ओर हथियारबंद जवान सुरक्षा घेरे में चल रहे थे।


पुलिस ने बताया कि जुलूस में किशनलाल गुर्जर, रामकेश गुर्जर, रामसिंह गुर्जर, खुशीराम जाट, दिनेश चौधरी ,पवन चारण और सफीक खान शामिल थे । ये सभी हत्या के षड्यंत्र और मुख्य आरोपियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए हैं।

कोर्ट में पेशी 17 अक्टूबर तक रिमांड पर

मेडिकल परीक्षण के बाद पुलिस ने सभी सातों आरोपियों को परबतसर के एसीजेएम न्यायाधीश के आवास पर पेश किया, जहां पुलिस ने रिमांड की मांग की। न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को 17 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर सौंपने के आदेश दिए।

कुचामन थाना अधिकारी सतपाल चौधरी की मौजूदगी में हथियारबंद पुलिस दल ने सातों आरोपियों को पेश किया। अब पुलिस इस रिमांड अवधि में हत्या की साजिश, आरोपियों की भूमिका, और फरार मुख्य आरोपियों के ठिकानों से जुड़ी जानकारी निकालने के लिए गहन पूछताछ करेगी।

वारदात, तक की जांच और कार्रवाई का सिलसिला

7 अक्टूबर 2025 की सुबह कुचामन शहर के व्यापारी रमेश रूलानिया की जिम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या की जिम्मेदारी रोहित गोदारा गैंग से जुड़े वीरेंद्र चारण ने सोशल मीडिया पर ली थी। पुलिस जांच में सामने आया कि रूलानिया को रंगदारी की धमकियां दी गई थीं, लेकिन उन्होंने रकम देने से इंकार कर दिया था।

एसपी ऋचा तोमर के निर्देशन में बनी विशेष टीम ने हत्या में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन (RJ-01-UB-2727) बरामद किया और सात सहयोगी आरोपियों को गिरफ्तार किया। मुख्य आरोपी गणपत गुर्जर, महेश गुर्जर, धर्मेंद्र उर्फ देवा और जुबेर अहमद अब भी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर ₹25,000 का इनाम घोषित किया गया है।

गिरफ्तार आरोपियों में से पवन चारण पर हत्या की सुपारी लेने का आरोप है, जबकि खुशीराम और दिनेश ने हत्यारों को वाहन उपलब्ध कराया था। शफीक खान, जो पूर्व में रंगदारी के मामले में पकड़ा जा चुका है, को भी साजिश की जानकारी थी। बाकी आरोपियों ने बदमाशों को अलग-अलग तरीकों से सहयोग दिया।

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