राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय कसारी (बड़ा गाँव) में मंगलवार को जनसहयोग की मिसाल पेश करते हुए श्री नन्दलाल तोषनीवाल फाउंडेशन, कोलकाता की ओर से स्वीकृत पचास हजार रुपये की राशि से निर्मित बच्चों के लिए पेयजल टंकी का लोकार्पण हुआ। इस मौके को खास तब बना दिया गया जब विद्यालय की छात्रा रितिका ने फीता काटकर टंकी का शुभारंभ किया।

समारोह में भामाशाह राजेश शर्मा पुत्र दीनदयाल शर्मा एवं उनके परिवार का विद्यालय समुदाय की ओर से माल्यार्पण और स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में विद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षक एवं ब्लॉक साक्षरता समन्वयक चम्पालाल कुमावत, प्रधानाध्यापिका श्रीमती भंवरी देवी, ग्रामवासी, टंकी निर्माण के कारीगर हरिप्रसाद प्रजापत, भामाशाह परिवारजन अर्पणा शर्मा, नमन शर्मा, रौनक शर्मा, वंदना शर्मा तथा शिक्षक शिवहरी मीना, प्रशांत कसवां, उर्मिला भाकर, सुरभि शर्मा, सुमित्रा, हरीश चावला, किरण कँवर, शारीरिक शिक्षक दीपक सिंह सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि टंकी निर्माण के लिए स्वीकृत पचास हजार रुपये के अतिरिक्त राजेश शर्मा ने ग्यारह हजार रुपये और सहयोग दिया। उनका पैतृक गाँव होने के कारण वे समय-समय पर विद्यालय के विकास में योगदान देते रहते हैं। वहीं, चम्पालाल कुमावत भी सेवानिवृत्ति के बाद भी विद्यालय से जुड़े रहते हैं और विभिन्न गतिविधियों में सहयोग करते हैं।

प्रधानाध्यापिका श्रीमती भंवरी देवी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहयोग केवल आर्थिक सहयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामवासियों का विद्यालय से आत्मीय जुड़ाव और विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि विद्यालय परिवार इस सहयोग का सदुपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में कोई कमी नहीं छोड़ेगा।

इस मौके पर चम्पालाल कुमावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से अध्ययन करने, घर-परिवार के कामों में सहयोग करने और अच्छे नागरिक बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने विशेष रूप से छात्रों से आह्वान किया कि वे “उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम” के तहत स्वयंसेवी शिक्षक बनकर अपने आस-पास के असाक्षर लोगों को साक्षर बनाने का संकल्प लें।

उनके इन प्रेरक शब्दों पर विद्यार्थियों ने सहमति जताई और शिक्षा के मार्ग पर आगे बढ़ने का उत्साह प्रकट किया।
