श्री कुचामन पुस्तकालय, कुचामन सिटी में शुक्रवार को तीन दिवसीय राष्ट्रभाषा हिंदी सम्मान समारोह का शुभारंभ हुआ। समारोह का उद्देश्य हिंदी भाषा के संरक्षण, संवर्धन और नई पीढ़ी में इसकी महत्ता के प्रति जागरूकता फैलाना है।

समारोह का उद्घाटन कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र कुमार पारीक ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी सिर्फ संवाद का माध्यम ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और एकता की आत्मा है। उन्होंने युवाओं से हिंदी के प्रति गर्व और अपनत्व का भाव रखने की अपील की।

मुख्य अतिथि, नगर परिषद सभापति आसिफ खान ने पुस्तकालयों की आवश्यकता और प्रासंगिकता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि डिजिटल युग में भी पुस्तकालय समाज को ज्ञान, संस्कार और साहित्य से जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है।

पुस्तकालय के सचिव शिवकुमार अग्रवाल ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए नगर के प्रबुद्ध जनों, विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के विद्यार्थियों से अधिकाधिक उपस्थिति दर्ज करवाने और सक्रिय सहभागिता की अपील की।
इस अवसर पर संयोजक सुनील कुमार माथुर, कोषाध्यक्ष कालीचरण व्यास सहित अन्य पदाधिकारी मंचासीन रहे। समारोह में विद्यालय एवं महाविद्यालय स्तर की हिंदी अंत्याक्षरी प्रतियोगिता का आयोजन हुआ, जिसमें कुल 18 टीमों ने भाग लिया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान कुचामन महाविद्यालय ने प्राप्त किया। द्वितीय स्थान महाराजा शिक्षण संस्थान को मिला, जबकि तृतीय स्थान संयुक्त रूप से सुरजी देवी काबरा राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, नालंदा पब्लिक स्कूल अड़कसर और जे डी जैन पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने हासिल किया।
कार्यक्रम का संचालन सत्य प्रकाश शर्मा ने बखूबी किया। समारोह में प्राचार्य लक्ष्मण शर्मा, सुरेश वर्मा, बंसीलाल कांसोटिया, रामनिवास कुमावत, रमेश चावला, विमल पारीक, मुरारी गौड़, डॉ. राधेश्याम खटोड़, वेद प्रकाश शर्मा, भानु प्रकाश औदीच्य, दामोदर झंवर, रामस्वरूप जोशी, नितेश वक्ता, सुरेश पारीक, बजरंग लाल शर्मा, किशन लाल भार्गव, हरिमोहन बिरला, श्यामसुंदर मंत्री, सत्यनारायण तोषनीवाल, पार्षद इकराम भाटी, अयूब सोलंकी, संजय बियानी, गोपाल वक्ता सहित नगर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
यह आयोजन आने वाले दो दिनों तक विविध प्रतियोगिताओं, गोष्ठियों और साहित्यिक कार्यक्रमों के साथ जारी रहेगा।
