हाईकोर्ट से राहत पाने के बाद सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला ने मंगलवार को कुचामन नगर परिषद में पदभार संभाला और इस दौरान निकली रैली में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। पूर्व उप मुख्य सचेतक और कांग्रेस के दिग्गज नेता महेंद्र चौधरी ने भाजपा के भीष्म पितामह कहे जाने वाले स्व. हरीश कुमावत के छोटे बेटे मुकेश कुमावत को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई।
नगर परिषद सभागार में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुकेश का साफा पहनाकर स्वागत किया। इस घटनाक्रम को महेंद्र चौधरी का “मास्टर स्ट्रोक” माना गया जिससे जिसने भाजपा खेमे में खलबली मच गई ।

कुमावत परिवार के घर पहुंचे कांग्रेस नेता
पदभार संभालने से पहले जुलूस के दौरान आसिफ खान, हेमराज चावला और महेंद्र चौधरी स्व. हरीश कुमावत के घर पहुँचे। उन्होंने हरीश कुमावत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनकी पत्नी, पूर्व पालिकाध्यक्ष यशोदा देवी कुमावत से आशीर्वाद लिया।
कांग्रेस नेताओं का यह कदम राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा था, क्योंकि कुमावत परिवार वर्षों से भाजपा का मजबूत स्तंभ रहा है।
राजेंद्र कुमावत का पलटवार – कांग्रेस पर साधा निशाना
लेकिन अब स्व. हरीश कुमावत के बड़े बेटे और भाजपा नेता राजेंद्र कुमावत ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कांग्रेस के इस कदम को “राजनीतिक पाखंड” करार दिया है। राजेंद्र कुमावत ने लिखा कि “स्वर्गीय हरिश्चंद्र जी कुमावत ने अपना पूरा जीवन भाजपा और संघ को समर्पित किया। आज उन्हीं के घर आशीर्वाद लेने कांग्रेस के नेता पहुँचे, यह पाखंड की राजनीति है। जब आसिफ खान पहली बार सभापति बने थे, तब मेरे पिता जीवित थे, तब तो आशीर्वाद लेने नहीं आए, अब दिखावा कर रहे हैं। कांग्रेसियों का काम ही ड्रामा और नौटंकी है।”
परिवार भाजपा के साथ रहेगा – राजेंद्र कुमावत
राजेंद्र कुमावत ने अपनी पोस्ट के जरिए साफ किया कि छोटे भाई मुकेश कुमावत के कांग्रेस में जाने से परिवार की मूल विचारधारा नहीं बदलेगी। उन्होंने कहा कि “हमारा परिवार भाजपा के प्रति आस्था रखता था और आगे भी भाजपा के साथ ही रहेगा। मैं, स्वर्गीय हरीश कुमावत का पुत्र, यह विश्वास दिलाता हूँ कि हमारे पिता की छवि पर कोई आंच नहीं आने देंगे। भाजपा के प्रति हमारी निष्ठा अटल है। कांग्रेसियों के मंसूबे कभी पूरे नहीं होंगे।
कांग्रेसियों पर गंभीर आरोप
राजेंद्र कुमावत ने अपनी पोस्ट में कांग्रेस और महेंद्र चौधरी पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने लिखा कि –
“महेंद्र चौधरी पिछली कांग्रेस सरकार में विधायक रहते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त रहे। उन्हीं की सरकार ने डीडवाना-कुचामन को जिला बनाया और आज वही इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। इनके भाई पर हत्या का मुकदमा है और ये भाजपा पर आरोप लगाते हैं। पहले अपने गिरेबान में झाँकना चाहिए। कांग्रेस की घिनौनी राजनीति जनता भली-भांति समझ रही है।”
स्थानीय राजनीति में मची खलबली
मुकेश कुमावत के कांग्रेस ज्वाइन करने और राजेंद्र कुमावत की कड़ी प्रतिक्रिया के बाद कुचामन की राजनीति में नया संग्राम छिड़ गया है। जहाँ कांग्रेस कार्यकर्ता इस घटनाक्रम को अपनी बड़ी जीत बता रहे हैं, वहीं भाजपा खेमे में हलचल तेज हो गई है। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि कुमावत परिवार की विभाजित स्थिति आने वाले निकाय चुनावों और पंचायत समिति चुनावों में सीधा असर डालेगी।
