डीडवाना – कुचामन जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने संवेदनशीलता दिखाते हुए लाडनूं और खूनखूना क्षेत्र में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव की गंभीर समस्या पर संज्ञान लिया है। कलेक्टर ने मंडल रेलवे प्रबंधक कार्यालय जोधपुर को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि रेलवे द्वारा प्रस्तावित अंडरब्रिज का निर्माण तभी किया जाए जब जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो।

मौका रिपोर्ट में सामने आया है कि खुनखुना पुलिस थाने के सामने रेलवे द्वारा प्रस्तावित अंडरब्रिज के बनने की स्थिति में पानी की निकासी अवरुद्ध हो सकती है, जिससे जलभराव की समस्या और बढ़ जाएगी। इसका सीधा असर आसपास के ग्रामीणों पर पड़ेगा और आमजन को कई प्रकार की परेशानियां झेलनी पड़ेंगी। इसी वजह से कलेक्टर ने इस विषय पर रेलवे अधिकारियों को पत्र लिखते हुए स्पष्ट किया है कि अंडरब्रिज से पहले जल निकासी की ठोस योजना बनाई जाए।
गौरतलब है कि खूनखूना पुलिस थाने के सामने और लाडनूं स्टेडियम के पास बरसात में लंबे समय तक पानी जमा हो जाता है। खूनखूना क्षेत्र के मौके निरीक्षण में पाया गया कि अधिक बारिश होने पर पानी गांव के मुख्य मार्ग से बहकर रेलवे लाइन के पास रुक जाता है, जिससे पुलिस थाने, खेतों और आवागमन पर बुरा असर पड़ता है। ग्रामीणों ने भी इस बारे में जिला कलेक्टर को जानकारी देते हुए आशंका जताई है कि यदि बिना निकासी व्यवस्था के अंडरब्रिज बनाया गया तो समस्या और विकराल हो जाएगी।
इसी तरह लाडनूं स्टेडियम के पास एनएच–58 पुलिस चौकी से रेलवे फाटक तक सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुका था, लेकिन रेलवे विभाग द्वारा अंडरब्रिज बनाए जाने की सूचना के बाद यह कार्य रोक दिया गया। कलेक्टर ने इसे लेकर भी चिंता जताई और कहा कि जब तक जलभराव की समस्या का समाधान नहीं होता, तब तक रेलवे निर्माण कार्य आगे न बढ़ाए।

डॉ. खड़गावत ने कहा कि विकास कार्य जनता की सुविधा के लिए होते हैं, लेकिन यदि समस्याओं को नज़रअंदाज़ किया गया तो यही कार्य मुसीबत का कारण बन सकते हैं। इसलिए रेलवे विभाग को पत्र लिखा गया हैं कि जल निकासी व्यवस्था को प्राथमिकता दें और उसके बाद ही अंडरब्रिज निर्माण किया जाए।
ग्रामीणों का मानना है कि कलेक्टर की इस पहल से उनकी वर्षों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान निकल सकेगा और विकास कार्य भी सही दिशा में आगे बढ़ पाएंगे।
