कामगार समाज अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति द्वारा आयोजित सामाजिक चिंतन शिविर एवं प्रतिभा सम्मान समारोह रविवार को बड़े उत्साह और जोश के साथ सम्पन्न हुआ। समारोह में सैकड़ों की संख्या में समाजबंधुओं ने शिरकत की और एकजुट होकर सामाजिक उत्थान व संगठन की दिशा में विचार साझा किए।

विभिन्न जिलों से पहुंचे समाजबंधु
कुचामन, परबतसर, मकराना, डीडवाना और लाडनूं जिले से समाजबंधु निजी वाहनों के जरिए रतनगढ़ पहुंचे। शिव मंदिर प्रांगण में आयोजित इस समारोह में कुम्हारान पंचायत ट्रस्ट एवं कुमावत विकास समिति कुचामन के अध्यक्ष राजकुमार फौजी कुमावत, युवा शक्ति अध्यक्ष सत्यनारायण जायलवाल, पूर्व आयुक्त कीशनलाल पिपलोदा, रुपाराम मरेठिया, गणपत नगवाड़ा, लालाराम भोभरिया, भंवरलाल सिहोटा, सत्यनारायण लाडनवा, रामपाल प्रजापत, रामदेव बोरावड़, सुरेश कुमावत, सुनील कुमावत घाटवा और आशाराम प्रजापत सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।

मुख्य अतिथियों का संबोधन
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व उपखंड अधिकारी रामकुमार टांक एवं अन्य अतिथियों ने समाज की एकजुटता और चिंतन पर अपने विचार रखे। इस अवसर पर समाज की प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया और युवाओं से समाज की मजबूती के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।
संगठन की मजबूती पर जोर
नेशनल जनमदल पार्टी के अध्यक्ष दोलतराम पैन्सिया ने अपने संबोधन में कहा कि जब तक हम संगठित नहीं होंगे तब तक अपने अधिकारों की रक्षा नहीं कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि मूल ओबीसी को आरक्षण का लाभ तभी मिल सकेगा जब समाज संघर्ष की राह पर संगठित होकर आगे बढ़ेगा।

समाज में उत्साह की लहर
78 वर्ष की आयु तक समाज के जयकारे लगाने वाले वरिष्ठजनों का जिक्र करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कामगार समाज हमेशा से संघर्षशील और परिश्रमी रहा है। अब समय आ गया है कि समाज के लोग एक मंच पर आकर अपनी ताकत का परिचय दें और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सशक्त बनाएं।
