जिला कलेक्टर की पहल : निराश्रित गोवंश से मुक्त होने वाला प्रदेश का पहला जिला बनेगा डीडवाना–कुचामन

जिला कलेक्टर की पहल : निराश्रित गोवंश से मुक्त होने वाला प्रदेश का पहला जिला बनेगा डीडवाना–कुचामन

जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने तय किया बड़ा लक्ष्य

डीडवाना–कुचामन जिला अब प्रदेश का पहला ऐसा जिला बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है, जहां निराश्रित गोवंश की समस्या पूरी तरह समाप्त होगी। हाल ही में जसवंतगढ़ थाना क्षेत्र में सड़क पर अचानक आए गोवंश से हुए भीषण हादसे में चार लोगों की मौत के बाद जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने इस दिशा में ठोस कार्ययोजना तैयार की है। उनका स्पष्ट कहना है कि जिले से निराश्रित गोवंश की समस्या को पूरी तरह खत्म किया जाएगा, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी आए और पशुओं को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

गौशाला संचालकों से वन-टू-वन संवाद

मंगलवार को कुचामन सिटी के नगर परिषद सभागार में आयोजित बैठक में डॉ. खड़गावत ने जिले की 267 पंजीकृत गौशालाओं के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से संवाद किया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गौशालाओं को समय पर अनुदान, चिकित्सा सुविधा, भूमि आवंटन और गोपालन विभाग की योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने में प्रशासन पूर्ण पारदर्शिता और समर्पण से कार्य करेगा।

गौशाला प्रतिनिधियों ने लिया संकल्प

बैठक में उपस्थित सैकड़ों गौशाला प्रतिनिधियों ने निराश्रित गोवंश को आश्रय देने का संकल्प लिया उन्हें खुद जिला कलेक्टर ने संकल्प दिलाया 1जिला कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि गौशालाओं की छोटी-बड़ी हर समस्या का त्वरित और प्रभावी समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नंदी शालाओं के लिए भी भूमि और अनुदान आवंटन की कार्यवाही जल्द पूरी होगी।

अतिक्रमण हटेगा, भूमि आवंटित होगी

डॉ. खड़गावत ने स्पष्ट कहा कि जिले की चारागाह और गोचर भूमि पर हो रहे अतिक्रमण को शीघ्र हटाया जाएगा। जो गौशालाए जिला प्रशासन के इस मिशन में भागीदारी निभाएंगी उन्हें विशेष अनुदान दिलवाया जाएगा ।
जिन गौशालाओं को भूमि की आवश्यकता है, उन्हें प्राथमिकता से भूमि आवंटन किया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि जो पशुपालक अपने पशुओं को खुले में छोड़ते हैं, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। पहली बार पशु गौशाला में भेजा जाएगा, लेकिन बार-बार गलती दोहराने पर जुर्माना और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी साथ ही पशु भी हमेशा के लिए गौशाला को दे दिया जाएगा

सड़क हादसों से सबक

कलेक्टर ने कहा कि जसवंतगढ़ हादसा जिला प्रशासन के लिए चेतावनी है। सार्वजनिक स्थानों और सड़कों पर घूमते गोवंश न केवल दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं, बल्कि जन-धन की हानि भी कराते हैं। अब प्रशासन और गौशालाओं के सहयोग से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले की सड़कों पर कोई भी पशु खुले में भटकता हुआ न मिले।

विभागों का समन्वय और सेवा भावना ही समाधान

बैठक में पशुपालन विभाग के उपनिदेशक राजेंद्र प्रसाद ने गौशाला प्रतिनिधियों को योजनाओं और नीतियों की जानकारी दी। वहीं अतिरिक्त जिला कलेक्टर राकेश कुमार गुप्ता, जिले के सभी उपखंड अधिकारी, नगर परिषद आयुक्त, अधिशाषी अधिकारी, विकास अधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने जिला कलेक्टर की इस पहल को सराहते हुए सहयोग का आश्वासन दिया

लक्ष्य : प्रदेश का पहला मॉडल जिला

डॉ. खड़गावत ने कहा कि यदि जिला प्रशासन, गौशालाएं और आमजन मिलकर काम करेंगे तो डीडवाना–कुचामन जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला बनेगा है जहां निराश्रित गोवंश की समस्या पूरी तरह समाप्त होगी। यह मॉडल पूरे राजस्थान के लिए उदाहरण बनेगा।2

  1. ↩︎
  2. ↩︎
error: News 1 Rajasthan