पर्दा एवं हिजाब : सभ्यता, सुरक्षा और सम्मान का शाश्वत दर्शन
डॉ. मोहम्मद यूनुस कुरैशी/गणेशपुरा(डीडवाना)/ “पर्दा” शब्द भले ही आकार में छोटा हो, लेकिन इसके भीतर मानव सभ्यता का एक गहरा और व्यापक दर्शन समाया हुआ है। पर्दा केवल कपड़े का टुकड़ा नहीं, बल्कि सम्मान, मर्यादा, सुरक्षा, निजता और आत्मसंयम का प्रतीक है। यह वह अदृश्य सीमा है जो व्यक्ति को गरिमा देती है और समाज को संतुलन। कहा गया है कि जो वस्तु जितनी कीमती होती है, उसे उतनी ही सावधानी से सुरक्षित रखा जाता है। हीरा खुले में नहीं रखा जाता, सोना तिजोरी में…
