भीषण गर्मी में अनियमित जलापूर्ति से आमजन परेशान, विभाग ने बताया 35 प्रतिशत ही मिल रहा पानी
कुचामन सिटी। भीषण गर्मी के बीच कुचामन कस्बे सहित पूरे उपखण्ड में पेयजल संकट लगातार गहराता जा रहा है। कई क्षेत्रों में 5 से 10 दिन के अंतराल में पानी की सप्लाई होने से आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर कुचामन नगर परिषद के निवर्तमान उपसभापति हेमराज चावला ने जलदाय विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
हेमराज चावला ने कहा कि अप्रैल माह से गर्मी लगातार बढ़ रही है और ऐसे समय में लोगों को नियमित पेयजल की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। इसके बावजूद जलदाय विभाग द्वारा 45 दिन की नहरबंदी के चलते कस्बे और ग्रामीण क्षेत्रों में अनियमित जलापूर्ति की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान स्थिति में कई मोहल्लों और गांवों में 5 से 10 दिन में एक बार पानी पहुंच रहा है, जिससे आमजन में पेयजल के लिए त्राहि-त्राहि मची हुई है।
उन्होंने बताया कि अधिकांश परिवारों के पास बड़े स्टोरेज टैंक नहीं हैं, जिसके कारण लोगों को रोजाना पानी के लिए बर्तन लेकर भटकना पड़ रहा है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।

“सरकार योजनाओं का प्रचार कर रही, लेकिन पानी तक उपलब्ध नहीं”
हेमराज चावला ने ग्राम रथ अभियान के माध्यम से सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार पर भी तंज कसते हुए कहा कि जब सरकार भीषण गर्मी में आमजन को नियमित पेयजल तक उपलब्ध नहीं करा पा रही है, तब योजनाओं का महिमामंडन करना हास्यास्पद प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि जनता को सबसे पहले मूलभूत सुविधाएं मिलनी चाहिए।
चावला ने कहा कि क्षेत्र में जब भी जलापूर्ति बाधित होती है, तब विभागीय अधिकारियों की ओर से एक ही जवाब दिया जाता है कि कुचामन उपखण्ड में पानी इंदिरा गांधी नहर से पंजाब होते हुए नोखा दैया, देखनोक, केराप, बुड़सू और रूपपुरा के रास्ते कुचामन के मुख्य पम्प हाउस तक पहुंचता है तथा रास्ते में कहीं पम्प, पाइपलाइन, ट्रांसफार्मर या बिजली केबिन खराब होने पर सप्लाई प्रभावित हो जाती है।
उन्होंने मांग की कि पेयजल सप्लाई में आने वाली बाधाओं को समय पर दुरुस्त नहीं करने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए तथा कुचामन कस्बे सहित पूरे उपखण्ड में नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

“नहरबंदी खत्म, लेकिन पर्याप्त पानी अभी नहीं मिल रहा” – सहायक अभियंता मुकेश चौधरी
कुचामन जलदाय विभाग के सहायक अभियंता मुकेश चौधरी ने बताया कि नहरबंदी समाप्त हो चुकी है, लेकिन आगे से अभी पर्याप्त मात्रा में पानी मिलना शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि कुचामन और नावां के शहरी क्षेत्रों के साथ दोनों उपखण्डों के करीब 226 गांवों के लिए लगभग 42 एमएलडी पानी की आवश्यकता है, जबकि वर्तमान में विभाग को इसका मात्र 35 प्रतिशत पानी ही मिल पा रहा है।
मुकेश चौधरी ने बताया कि कम पानी मिलने के कारण जलापूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालांकि विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद है कि 20 मई तक आवश्यकता के अनुसार पानी की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। इसके बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जलापूर्ति को सुचारू करने का प्रयास किया जाएगा।
