ऑल इंडिया इंश्योरेंस इंप्लाइज एसोसिएशन (AIIEA) के आह्वान पर आज भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के कर्मचारियों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल में भाग लेते हुए कुचामन शाखा में भी कार्य बहिष्कार किया। हड़ताल के समर्थन में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर स्पष्ट रूप से आवाज बुलंद की और संस्थान व बीमाधारकों के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया।
कर्मचारियों द्वारा शाखा प्रबंधक को पूर्व सूचना देते हुए बताया गया था कि 12/02/2026 को प्रस्तावित हड़ताल में उनके संगठन के सदस्य शामिल रहेंगे। हड़ताल में भाग लेने वालों में राजेश कुमार लालवानी, सुरेश कुमार मीणा, नवनीत कौर गिल, सत्यपाल सिंह राठौड़, हिम्मत सिंह राठौड़, गोविंद सिंह राठौड़, संदीप तेतरवाल जीत, विकास पारीक, कुलदीप शर्मा, हरिकृष्ण स्वामी और श्रवण कुमार शामिल रहे।

हड़ताल के दौरान कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन केवल वेतन या व्यक्तिगत लाभ के लिए नहीं, बल्कि एलआईसी जैसी विश्वसनीय सार्वजनिक संस्था की सुरक्षा और बीमाधारकों के धन के सुरक्षित निवेश के लिए है। उन्होंने कहा कि बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई की अनुमति, सार्वजनिक क्षेत्र के विनिवेश, एलआईसी में प्रस्तावित एफपीओ और निजीकरण जैसे कदमों से संस्थान की स्वायत्तता और मजबूती पर खतरा मंडरा रहा है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में एलआईसी में तत्काल नई भर्तियाँ करना, सभी कर्मचारियों को 1995 पेंशन योजना का लाभ देना, सेवानिवृत्ति लाभों की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान शामिल है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इन मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ेगा।

हड़ताल के चलते शाखा में नियमित कार्य प्रभावित रहा। कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि यह संघर्ष संस्थान, बीमाधारकों और बीमा कर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए है, और जब तक उनकी जायज़ मांगों पर विचार नहीं होगा, आंदोलन की राह जारी रहेगी।
