डीडवाना–कुचामन जिले में महायोद्धा महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस पूरे सम्मान और गौरव के साथ शौर्य दिवस के रूप में मनाया गया। इसी क्रम में कुचामन शहर के डीडवाना रोड मेगा हाईवे बाईपास स्थित महाराजा सूरजमल सर्किल पर विश्व जाट महासभा और महाराजा सूरजमल सामाजिक विकास संस्था के तत्वावधान में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में एलबीएस स्कूल के विद्यार्थियों सहित शहर के गणमान्य नागरिकों ने महायोद्धा महाराजा सूरजमल की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके बताए आदर्शों व मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर विश्व जाट महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं महाराजा सूरजमल सामाजिक विकास संस्था के अध्यक्ष परसाराम बुगालिया, मुन्नाराम महला, कमलकांत डोडवाडिया, बिरमाराम बागड़वा और झूमरमल बिजारणिया ने महाराजा सूरजमल के कृतित्व और व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें समावेशी सोच को आत्मसात करने वाली भारतीयता का सच्चा प्रतीक बताया।
जिला प्रमुख भागीरथ लोरा, भुराराम शेषमा, दानाराम राठी, ज्ञानाराम रणवा और पार्षद सुभाष पावड़िया सहित अन्य वक्ताओं ने महाराजा सूरजमल के चरित्र और जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि महाराजा सूरजमल केवल जाट समाज के ही नहीं, बल्कि सभी वर्गों के हितैषी और आदर्श शासक थे, जिन्होंने गरीब, कमजोर और अत्याचार के विरुद्ध संघर्ष करते हुए वीरगति प्राप्त की।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दुर्गाराम चौधरी, रणजीत पौषक और बजरंगलाल शेषमा ने कहा कि महाराजा सूरजमल ने करीब 80 युद्ध लड़े और कभी पराजित नहीं हुए। उनके गौरवपूर्ण पराक्रम इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज हैं, जिसके कारण उन्हें “एशिया का प्लेटो” भी कहा जाता है।

एलबीएस स्कूल के डायरेक्टर रामदेवा राम खींचड़ ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए महाराजा सूरजमल के जीवन से प्रेरणा लेने की बात कही। पशु चिकित्सक डॉ. भरतसिंह ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम में आनंद नेहरा, सुरेश, चेनाराम, महेन्द्र राठी, नरेश, लालाराम खींचड़, टीकूराम, किशोर, रामेश्वर, मनोहर, रणवीर, भीवाराम, सोहनलाल सहित बड़ी संख्या में एलबीएस स्कूल के विद्यार्थी मौजूद रहे।
