कुचामन बार संघ के चुनाव शुक्रवार को शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुए। इस बार अध्यक्ष पद पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसने चुनावी प्रक्रिया को रोचक बना दिया। कुल 174 मतदाताओं में से 145 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

अध्यक्ष पद पर दिनेश सिंह राठौड़ (बरवाली) की निर्णायक जीत
अध्यक्ष पद के लिए हुए त्रिकोणीय मुकाबले में एडवोकेट दिनेश सिंह राठौड़ (बरवाली)ने स्पष्ट बढ़त बनाते हुए जीत दर्ज की। उन्हें 77 मत प्राप्त हुए, जबकि एडवोकेट दौलत खान को 43 मत और एडवोकेट गुलहसन खान को 24 मत मिले। चुनाव प्रक्रिया में 1 मत निरस्त घोषित किया गया। इसके बाद दिनेश सिंह राठौड़ को विजेता घोषित किया गया और कोर्ट परिसर में बधाई और शुभकामनाओं का सिलसिला शुरू हो गया ।

अन्य पदों पर निर्विरोध निर्वाचन
अध्यक्ष पद को छोड़कर बार संघ के अन्य सभी पदों पर सर्वसम्मति से निर्विरोध निर्वाचन हुआ। उपाध्यक्ष पद पर श्यामलाल कुमावत, सचिव पद पर शत्रुघ्न गौड़, उपाध्यक्ष (राजस्व) पद पर मेवाराम, कोषाध्यक्ष पद पर श्रीराम चौधरी तथा पुस्तकालय अध्यक्ष पद पर बनवारीलाल शर्मा का आपसी सहमति से चयन हुआ, जिससे संगठन में एकजुटता और आपसी समन्वय का संदेश मिला।

जीत के बाद दिनेश सिंह का संदेश
चुनाव में जीत के बाद अध्यक्ष निर्वाचित दिनेश सिंह राठौड़ ने सभी अधिवक्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत व्यक्तिगत नहीं बल्कि पूरे अधिवक्ता समाज की जीत है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वे बार संघ के हितों की रक्षा, अधिवक्ताओं की समस्याओं के समाधान और न्यायिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि बार और बेंच के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।

विभिन्न संगठनों व शहरवासियों ने किया स्वागत
जीत के बाद दिनेश सिंह राठौड़ का विभिन्न सामाजिक एवं अधिवक्ता संगठनों और शहरवासियों की और से गर्मजोशी से स्वागत किया गया। बधाई देने वालों का तांता लगा रहा और समर्थकों ने माला,साफा पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के प्रदेशाध्यक्ष दलपत सिंह गच्छीपुरा ने कहा कि दिनेश सिंह राठौड़ की जीत उनके अनुभव, ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता का परिणाम है। उन्होंने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में कुचामन बार संघ नई ऊंचाइयों को छुएगा और अधिवक्ताओं के हितों की मजबूती से पैरवी होगी।
चुनाव परिणामों के बाद बार परिसर में उत्सव जैसा माहौल रहा और नई कार्यकारिणी से अधिवक्ताओं ने सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई।
