राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशों के मुताबिक तालुका विधिक सेवा समिति, कुचामन के अध्यक्ष एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश सुन्दर लाल खारोल के आदेश पर ‘न्याय आपके द्वार—लोक उपयोगी सेवाओं का सुलभ और त्वरित समाधान’ विशेष अभियान के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन जागृति इकाई के सदस्य और भारतीय डाक विभाग के प्रबंधक भरत कुमार राजौरिया द्वारा किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बताया कि विधिक सेवा दिवस के अवसर पर तीन माह का विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य विधिक सेवा कार्यक्रमों, जनकल्याणकारी योजनाओं और न्यायिक प्रक्रियाओं को आमजन तक सरलता से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से लोक उपयोगिता सेवाओं से जुड़े विभागों और संस्थानों को जवाबदेही के दायरे में लाया जा रहा है, जिससे आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो सके।

अभियान के अंतर्गत जिन सेवाओं को शामिल किया गया है, उनमें वायु, सड़क और जल परिवहन सेवाएं, डाक, टेलीग्राफ और टेलीफोन सेवाएं, बिजली और पानी की आपूर्ति, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य सेवाएं, अस्पताल और डिस्पेंसरी, बीमा सेवाएं, बैंकिंग और वित्तीय संस्थाएं, आवासीय सेवाएं, एलपीजी सेवा, शैक्षणिक संस्थान और भू-सम्पदा संबंधी सेवाएं प्रमुख हैं। इन सेवाओं से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए आमजन साधारण हस्तलिखित प्रार्थना-पत्र विधिक सेवा समिति के कार्यालय में जमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि यदि कोई सरकारी उपक्रम या जन उपयोगी सेवा संस्था अपने कर्तव्यों के पालन में विफल होती है, तो स्थायी लोक अदालत आमजन के लिए न्याय पाने का सरल, सुलभ और सस्ता माध्यम है। यहां मामलों की सुनवाई लंबी प्रक्रिया या जटिल साक्ष्यों के बिना होती है, जिससे फैसले शीघ्रता से मिलते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को लोक उपयोगी सेवाओं से जुड़े अपने अधिकारों, शिकायत निवारण प्रक्रिया और स्थायी लोक अदालत की उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी देकर जागरूक किया गया।
