गणपत ने बरसाईं थी रमेश रुलानिया पर गोलियां, बंद जिम ने एक दिन टाली थी मौत
डीडवाना-कुचामन एसपी ऋचा तोमर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया बड़ा खुलासा

कुचामन सिटी। बहुचर्चित व्यापारी रमेश रुलानिया हत्याकांड में डीडवाना-कुचामन पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। बुधवार को थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने बताया कि हत्याकांड की साजिश योजनाबद्ध तरीके से रची गई थी, और आरोपियों ने कुचामन आकर रेकी की थी और वारदात से एक दिन पहले भी हत्या की कोशिश की थी। लेकिन 6 अक्टूबर को जिम बंद रहने के कारण व्यापारी की जान बच गई, जबकि अगले दिन यानी 7 अक्टूबर को जिम खुलते ही हत्या को अंजाम दे दिया गया।

गणपत ने अंदर जाकर की फायरिंग, जुबेर सीढ़ियों पर रहा खड़ा
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि 7 अक्टूबर की सुबह जैसे ही जिम खुला, और रमेश रुलानिया जिम में पहुंचे , उस वक्त आरोपी जिम के बाहर पहुंच

गणपत गुर्जर
गणपत जिम के अंदर गया जबकि जुबेर सीढ़ियों पर निगरानी के लिए खड़ा रहा। गणपत ने अंदर जाकर व्यापारी रमेश रुलानिया की पहचान की और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोली लगते ही रुलानिया मौके पर गिर पड़े और चारों आरोपी फरार हो गए।

दक्षिण भारत में छिपे रहे आरोपी, बदल लिया भेष
वारदात के बाद पुलिस ने जब आरोपियों की तलाश शुरू की, तो वे भेष बदलकर दक्षिण भारत के विभिन्न राज्यों में घूमते रहे। किसी को शक न हो, इसके लिए उन्होंने सिर के बाल मुंडवा लिए, कपड़े बदले और फर्जी नामों से बस व ट्रेन में सफर किया। पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम ने लगातार उनकी लोकेशन ट्रैक की और कई दिनों की मेहनत के बाद उनके ठिकानों का सुराग लगाया।
कोलकाता और इंदौर से दबोचे गए चारों आरोपी
पुलिस ने तकनीकी ट्रैकिंग के आधार पर मुख्य आरोपी गणपत, महेश और धर्मेंद्र को कोलकाता से गिरफ्तार किया, जबकि चौथा आरोपी जुबेर अहमद को मध्यप्रदेश के इंदौर से पकड़ा गया। पूछताछ में कई अहम तथ्य सामने आए, जिनसे साजिश का पूरा जाल खुल गया।

जीतू चारण ने रची साजिश, पवन चारण ने दी मदद
एसपी तोमर ने बताया कि अजमेर जिले के रूपनगढ़ क्षेत्र का बदमाश जीतू चारण इस पूरी साजिश का मुख्य सूत्रधार था। उसने वीरेंद्र चारण और शूटरों के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई। जीतू ने ही हत्याकांड के लिए शूटर तैयार किए और बोरावड़ के होटल में काम करने वाले पवन चारण और गणपत की मदद से उन्हें हथियार व ठिकाना मुहैया कराया। शूटरों को यह भरोसा दिलाया गया था कि वारदात के बाद उन्हें रोहित गोदारा गैंग का सदस्य बनाया जाएगा और मोटी रकम उनके घर भेजी जाएगी।
फर्जी सिमकार्ड से चलता रहा संपर्क, अब भी फरार है जीतू चारण
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि जीतू चारण ने अपने गैंग के सदस्यों से संपर्क के लिए फर्जी सिमकार्ड का इस्तेमाल किया। वारदात के बाद उसने सभी से संपर्क तोड़ लिया था ताकि ट्रेस न किया जा सके। फिलहाल जीतू चारण फरार है और उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है।

सोशल मीडिया पर ली थी वारदात की जिम्मेदारी
एसपी तोमर ने बताया कि रोहित गोदारा गैंग के सदस्य वीरेंद्र चारण ने इस वारदात की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ली थी। पूछताछ में खुलासा हुआ कि वीरेंद्र चारण ने वीडियो कॉल के ज़रिए आरोपियों को पिस्टल चलाने का प्रशिक्षण दिया था। गणपत ने बाद में अपने बाड़े में गोली चलाने की प्रैक्टिस भी की थी।
अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार, एक नाबालिग निरुद्ध
डीडवाना-कुचामन पुलिस अब तक इस प्रकरण में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि एक नाबालिग को निरुद्ध किया गया है। एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि पूछताछ में कई और अहम खुलासे हुए हैं और पुलिस केस से जुड़े हर व्यक्ति को कानून के दायरे में लाने के लिए काम कर रही है।

एसपी ने टीम को दी बधाई
इस बड़ी कार्रवाई को एसपी ऋचा तोमर के निर्देशन में एएसपी नेमीचंद खारिया और वृत्ताधिकारी अरविंद बिश्नोई के सुपरविजन में अंजाम दिया गया।
कुचामन सिटी थाना अधिकारी सीआई सतपाल सिंह ने पूरी टीम के साथ ऑपरेशन को लीड किया। इस कार्रवाई में डीडवाना-कुचामन, नागौर, अजमेर और टोंक जिलों की पुलिस, साथ ही एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स जयपुर की टीमों का भी विशेष योगदान रहा।

एसपी तोमर ने सभी टीम सदस्यों को उनकी साहसिक कार्रवाई, समन्वय और तकनीकी दक्षता के लिए बधाई दी। उन्होंने विशेष रूप से हेड कॉन्स्टेबल प्रेमप्रकाश की सराहना की, जिन्होंने साइबर तकनीकी विश्लेषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हेड कांस्टेबल प्रेमप्रकाश स्वामी, जो डीडवाना – कुचामन पुलिस विभाग में साइबर एक्सपर्ट के तौर पर जाने जाते हैं, इससे पहले भी कई जटिल अपराधों और वारदातों के खुलासे में अहम भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने अतीत में कई बड़े बदमाशों की गिरफ्तारी में तकनीकी सहयोग देकर पुलिस की छवि को मजबूती दी है।
