डीडवाना- कुचामन पुलिस की बड़ी कामयाबी — चोरी और गुम हुए 55 मोबाइल बरामद, एसपी ऋचा तोमर ने किए मालिकों को सुपुर्द

राजस्थान पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार चल रहे “गुम और चोरी हुए मोबाइल बरामदगी अभियान” में डीडवाना पुलिस ने एक और मिसाल कायम की है। साइबर टीम और विभिन्न थाना क्षेत्रों की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने 55 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी बाजार कीमत करीब 8 लाख 50 हजार रुपए बताई जा रही है।

इन मोबाइलों को राजस्थान सहित कई अन्य राज्यों से ट्रेस किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने अपने कार्यालय में आयोजित समारोह में इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सुपुर्द किया। लंबे समय बाद अपने फोन वापस पाने पर लोगों के चेहरों पर मुस्कान और संतोष साफ झलक रहा था। इस अवसर पर वृताधिकारी धरम पुनिया, साइबर पुलिस टीम और कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

इस मौके अपर एसपी ऋचा तोमर ने कहा कि यह सफलता हमारी पुलिस टीम की मेहनत, तकनीकी दक्षता और जनता के सहयोग का परिणाम है। हमने अब तक 450 से अधिक मोबाइल बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटाए हैं, और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। हमारा उद्देश्य जनता की संपत्ति को सुरक्षित वापस दिलाना है।उन्होंने बताया कि CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल इस अभियान में बड़ी भूमिका निभा रहा है।

यह पोर्टल मोबाइल के IMEI नंबर के माध्यम से चोरी या गुम हुए फोन को ट्रेस करने का सबसे कारगर माध्यम है। जनता को जागरूक रहना चाहिए और मोबाइल गुम होते ही संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाकर CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर ब्लॉक करवाना चाहिए



मोबाइल मालिकों ने एसपी ऋचा तोमर और पुलिस टीम का आभार जताया। एक मोबाइल मालिक ने कहा कि मेरा मोबाइल एक साल पहले ट्रेन में गुम हो गया था, उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन आज डीडवाना पुलिस ने लौटा दिया। ये मेरे लिए दिवाली से पहले का तोहफा है।”

एक अन्य मोबाइल मालिक ने कहा कि इतने दिनों बाद मोबाइल वापस मिलना किसी चमत्कार से कम नहीं। पुलिस का धन्यवाद जिन्होंने पूरी ईमानदारी से काम किया।”


एसपी ऋचा तोमर ने कहा कि पुलिस का प्रयास रहेगा कि हर गुम मोबाइल को वापस उसके मालिक तक पहुंचाया जाए। उन्होंने टीम को बधाई दी और जनता से तकनीक का सही उपयोग कर सतर्क रहने की अपील की।

एसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए, तो वह तुरंत संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाएं और CEIR पोर्टल पर जाकर मोबाइल का IMEI नंबर ब्लॉक करवाएं। जैसे ही फोन बरामद हो, उसी पोर्टल के माध्यम से अनब्लॉक रिक्वेस्ट भेजकर उसे पुनः चालू कराया जा सकता है।

डीडवाना पुलिस की इस पहल से न केवल आमजन को राहत मिली है, बल्कि यह भी साबित हुआ है कि तकनीक और पुलिस की सतर्कता मिलकर जनता की समस्याओं का समाधान कर सकती हैं।

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