राजस्थान में कांग्रेस का संगठन सृजन अभियान आज से शुरू हो गया है, जिसके तहत प्रदेश के 50 जिलों में जिलाध्यक्षों के चुनाव की प्रक्रिया चलाई जा रही है। इसी क्रम में नवगठित डीडवाना-कुचामन जिला कांग्रेस कमेटी में पहली बार जिलाध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी। इससे पहले यह कमेटी नागौर जिले के अधीन कार्य करती थी, लेकिन जिले के पुनर्गठन के बाद से ही यहां स्वतंत्र जिलाध्यक्ष की मांग की जा रही थी।

इस सिलसिले में AICC की केंद्रीय पर्यवेक्षक और पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अमी याज्ञनिक कल रविवार को डीडवाना पहुंचेंगी। वे यहां कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से ‘वन-टू-वन फीडबैक’ लेंगी।
डीडवाना में आयोजित इस बैठक में PCC पर्यवेक्षक विधायक गणेश घोघरा, डॉ. जाहिदा शबनम और कांग्रेस के पर्यावरण संरक्षण प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष सुशील पारीक भी शामिल होंगे।

कार्यक्रम के दौरान संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी की जाएगी। इस रायशुमारी के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के लिए तीन नामों का पैनल तैयार कर भेजा जाएगा।
PCC पर्यवेक्षक सुशील पारीक ने बताया कि राजस्थान के सभी 50 जिलाध्यक्षों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पर्यवेक्षक पार्टी कार्यकर्ताओं, एनजीओ प्रतिनिधियों और सिविल सोसाइटी के सदस्यों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर राय लेंगे। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और AICC के साथ बैठक में जिलाध्यक्ष का चयन किया जाएगा।
PCC पर्यवेक्षक डॉ. जाहिदा शबनम ने बताया कि जिलाध्यक्ष पद के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए तीन पेज का आवेदन पत्र तैयार किया गया है, जिसमें पार्टी योगदान, अनुभव और संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी मांगी गई है। पर्यवेक्षक जिले के सभी ब्लॉक और नगर कांग्रेस अध्यक्षों से भी चर्चा कर फीडबैक लेंगे।
वहीं PCC पर्यवेक्षक विधायक गणेश घोघरा ने बताया कि उम्मीदवार की पार्टी के प्रति निष्ठा और सक्रियता को प्राथमिकता दी जाएगी। यह जरूरी नहीं कि उसने पहले कोई संगठनात्मक पद संभाला हो, लेकिन पार्टी के लिए काम करने का अनुभव अनिवार्य है।
उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया 20 नवंबर तक जारी रहेगी।डीडवाना में होने वाले आयोजन की जानकारी देते हुए मकराना विधायक और कांग्रेस जिलाध्यक्ष जाकिर हुसैन गैसावत ने बताया कि रविवार को डीडवाना के सुंदरम पैलेस में यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य संगठन को नई ऊर्जा देना और सभी कार्यकर्ताओं को एकजुट करना है।
गैसावत ने कहा कि पर्यवेक्षक जमीनी स्तर पर प्रतिनिधियों से बातचीत कर संगठन को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में ठोस सुझाव लेंगे, ताकि कांग्रेस का आधार गांव-गांव तक सशक्त हो सके।
