नावां 15 अगस्त विवाद में एसडीएम-ईओ को मिली क्लीन चिट, पालिकाध्यक्ष सायरी देवी के आरोप साबित हुए निराधार

नावां नगर पालिका में 15 अगस्त का झंडारोहण इस बार राजनीति का अखाड़ा बन गया। पालिकाध्यक्ष सायरी देवी गांधी ने आरोप लगाया था कि उपखंड अधिकारी दिव्या सोनी और अधिशाषी अधिकारी मनीषा चौधरी ने उन्हें राष्ट्रीय पर्व से अपमानजनक तरीके से दूर रखा और प्रशस्ति पत्रों से उनका नाम हटवा दिया। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर (मु.) डीडवाना-कुचामन महेंद्र मीणा को जांच सौंपी गई थी ।

जांच में अधिकारियों की रिपोर्ट, मौके पर मौजूद पार्षदों और कर्मचारियों के बयान दर्ज करने के बाद एडीएम महेंद्र मीणा ने अपनी रिपोर्ट जिला कलेक्टर को सौंपी। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया कि सायरी देवी के आरोप तथ्यहीन हैं। यानी जांच के बाद ईओ मनीषा चौधरी तथा एसडीएम दिव्या सोनी को क्लीन चिट मिल गई है

रिपोर्ट के अनुसार, पालिकाध्यक्ष को समारोह में बुलाने के लिए फोन कॉल किए गए, निमंत्रण पत्र उनके घर तक भेजा गया, लेकिन उन्होंने खुद लेने से इनकार कर दिया। नगरपालिका कार्यालय में सुबह 8 बजे झंडारोहण का कार्यक्रम तय था, पर वे समय पर नहीं पहुंचीं और बाद में बीजेपी कार्यालय में झंडारोहण करने के बाद लौटीं। इस बीच कर्मचारियों और पार्षदों ने राष्ट्रीय पर्व होने के कारण ध्वजारोहण कर दिया।

जहां तक प्रशस्ति पत्रों से नाम हटाने का सवाल है, जांच में स्पष्ट हुआ कि पूरे जिले में एक समान फॉर्मेट पर ही प्रशस्ति पत्र छपते हैं, किसी अधिकारी ने इसमें बदलाव नहीं किया। वहीं यह आरोप भी बेबुनियाद निकला कि ईओ को प्रभावशाली लोगों के दबाव में अतिरिक्त चार्ज दिया गया, क्योंकि चार्ज राज्य सरकार के आदेश पर ही दिया गया था।

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