1500 साला जश्ने ईद मिलादुन्नबी : अमन और मोहब्बत के रंग में डूबा कुचामन सिटी

1500 साला जश्ने ईद मिलादुन्नबी : अमन और मोहब्बत के रंग में डूबा कुचामन सिटी

पैगंबर का 1500वां जन्मदिवस, ऐतिहासिक जुलूस

कुचामन सिटी में शुक्रवार को पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब का 1500वां जन्मदिवस ईद मीलादुन्नबी के रूप में ऐतिहासिक अंदाज़ में मनाया गया। यह दिन न सिर्फ़ जश्न और खुशी का रहा बल्कि पैगंबर की सीरत पर अमल करने और उनकी तालीमात को ज़िंदगी में उतारने का संकल्प भी दिला गया। शहर अमन, मोहब्बत और भाईचारे के पैग़ाम में डूबा नज़र आया।

सुबह 8 बजे शुरू हुआ जुलूस डेढ़ बजे हुआ संपन्न

मदरसा इस्लामिया सोसायटी के सचिव मोहम्मद इकबाल भाटी ने बताया कि सुबह 8 बजे पलटन गेट स्थित मिर्जा मस्जिद से जुलूस-ए-मुहम्मदी का आगाज हुआ। यह जुलूस निर्धारित रूट से आगे बढ़ता हुआ जैसे-जैसे लुहारिया मोहल्ले की ओर बढ़ा, उसने विशाल रूप ले लिया।

चार किलोमीटर लंबा जुलूस, अनुशासन का पैग़ाम

शिविर संयोजक सलीम मणियार ने जानकारी दी कि करीब चार किलोमीटर लंबे इस जुलूस में घोड़े, ऊंट, मोटरसाइकिल, चार पहिया वाहन और हजारों की तादाद में मुस्लिम धर्मावलंबी शामिल रहे। “या रसूलल्लाह” और “मुहब्बत-ए-मुस्तफ़ा” के नारे गूंजते रहे। भीड़ के बावजूद अनुशासन और नज़्मो-ज़बत क़ाबिले-तारीफ़ रहा।

झांकियों ने खींचा ध्यान

सोसायटी के कोषाध्यक्ष इस्माइल शाह ने बताया कि जुलूस में खास तौर से तैयार की गई इस्लामिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। इन झांकियों ने जहां धार्मिक माहौल को और रोशन किया, वहीं देखने वालों को भी पैगंबर की सीरत और इस्लामी तालीमात की याद दिलाई। तकरीबन डेढ़ बजे ये जुलूस शहर कृप्रमुख मार्गों से अपने रूट के मुताबिक इमाम चौक पर आकर सम्पन्न हुआ

पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्थाएं

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नेमीचंद के नेतृत्व और पुलिस उपाधीक्षक अरविंद विश्नोई के मार्गदर्शन में थानाधिकारी सतपाल सिंह सिहाग के नेतृत्व में सुरक्षा और यातायात की व्यवस्थाएं पूरी तरह सुचारु रहीं। जुलूस शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में अपने मुकाम तक पहुंचा।

अमन और इंसानियत का संदेश

1500 साला ईद मीलादुन्नबी का यह जश्न सिर्फ़ उत्सव नहीं रहा, बल्कि अहद रहा कि नबी-ए-करीम की तालीमात को ज़िंदगी में ढालकर अमन, मोहब्बत और इंसानियत का पैग़ाम पूरी दुनिया में फैलाया जाए।

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