सर्व राजपूत समाज के तत्वावधान में कुचामन सिटी में आज श्री पाबूजी राठौड़ दर्शन यात्रा का शुभारम्भ श्रद्धा और भव्यता के साथ हुआ। इस अवसर पर सामाजिक समरसता की अद्वितीय मिसाल भी देखने को मिली, जब जाट समाज सहित 36 कौमों ने यात्रा का स्वागत किया और हर कदम पर यात्रियों का अभिनंदन किया।

राजस्थान सरकार के राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी, मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत और परबतसर के पूर्व विधायक मानसिंह किनसरिया ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा को रवाना किया।
यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होकर निकली, जहां सर्व समाज की ओर से जगह-जगह श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। विशेष रूप से अहिंसा सर्किल पर जाट समाज ने पारंपरिक बैंडबाजों और वाद्य यंत्रों के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान जेसीबी पर सवार होकर पुष्पवर्षा की गई, जिसने पूरे माहौल को रोमांचक और यादगार बना दिया।

यात्रा संयोजक श्रीपाल सिंह रसाल ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मातृशक्ति और युवा शक्ति को लोकदेवताओं के प्रति आस्था और विश्वास से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि आज कुचामन में यह यात्रा सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक बनी है।
स्वागत करने वालों में जाट समाज के ज्ञानाराम रणवा और डॉक्टर गोविंदराम चौधरी ने कहा कि कुचामन की सामाजिक समरसता पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण है। यहां हर आयोजन सर्व समाज मिलकर मनाता है, यही हमारी ताकत और पहचान है।

हजारों श्रद्धालु सैकड़ों छोटे वाहनों और करीब 20 लग्जरी बसों में सवार होकर 305 किलोमीटर लंबी पदयात्रा और वाहन यात्रा तय करेंगे और जोधपुर जिले के कोलूमंड गांव पहुंचकर पाबूजी महाराज के दर्शन करेंगे।
पाबूजी राठौड़: ऊंटों के देवता और लोकदेवता
लोकदेवता पाबूजी राठौड़ का जन्म सन् 1239 ई. में कोलूमंड गांव (जोधपुर) में हुआ था। वे राठौड़ वंश के धांधल देव राठौड़ और कमलदे के पुत्र थे। पाबूजी राठौड़ को लक्ष्मण का अवतार माना जाता है। उन्होंने अपने विवाह के दिन ही गौ रक्षार्थ प्राणों की आहुति दी और “गौ रक्षक” तथा “ऊंटों के देवता” के रूप में लोकजीवन में पूजे जाते हैं।

मारवाड़ में ऊंट लाने का श्रेय भी पाबूजी को ही जाता है। जब ऊंट बीमार पड़ते हैं तो लोग पाबूजी की पूजा करते हैं। उनकी स्मृति में भील समाज “पाबूजी की फड़” गाकर लोक जीवन में उनका गुणगान करता है। पाबूजी छुआछूत और जातिगत भेदभाव से दूर रहकर नारी सम्मान और अछतोद्वारक के रूप में भी समाज में पूजनीय माने जाते हैं।
हर साल कोलूमंड में उनकी स्मृति में विशाल मेला भरता है और देशभर से श्रद्धालु यहां आकर लोकदेवता के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
ये रहे मौजूद
आयोजन में कुचामन नगर परिषद सभापति सुरेश सिखवाल, क्षत्रिय युवक संघ से रेवत सिंह पाटोदा, भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा, किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष श्याम प्रताप सिंह रुंवा, भाजपा नेता दलपत सिंह रुणीजा, सुरेंद्र सिंह कांसेडा, भगवान सिंह रसाल, विजेंद्र सिंह भावता, विजय सिंह पलाड़ा, रघुनाथ सिंह संस्थान के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह राजलिया, मुकेश सिंह रूपरा, श्रीपाल सिंह रसाल, शंभु सिंह आसरवा, कांग्रेस नेता दिलीप सिंह चौहान, उदय सिंह खारिया, पार्षद अनिल सिंह मेड़तिया, बजरंग सिंह रायथलिया, विनय सिंह नाथावत, महेंद्र सिंह खुडद, जोगेंद्र सिंह रूपपुरा, नरेंद्र सिंह सफेड, महेंद्र सिंह पांचोता, सुरेंद्र सिंह लोरोली, भँवर सिंह फौजी, राजेंद्र सिंह प्रेमपुरा, गजराज सिंह इग्यार सहित अनेक गणमान्य लोग इस अवसर पर उपस्थित थे ।
