हादसों पर ब्रेक लगाने निकला ‘सेफ आई सेफ हाइवे’ अभियान – किशनगढ़-हनुमानगढ़ मेगाहाइवे के मंगलाना टोल प्लाजा पर सैकड़ों चालकों की जांच, बांटे गए चश्मे और दवाइयां

डीडवाना – कुचामन जिले से गुजरने वाले किशनगढ़- हनुमानगढ़ मेगाहाइवे पर सड़क हादसों की रोकथाम के लिए शुक्रवार को मंगलाना टोल प्लाजा पर ‘सेफ आई सेफ हाइवे’ अभियान के तहत विशेष शिविर आयोजित किया गया। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत के नवाचार के रूप में शुरू किए गए इस अभियान की यह कड़ी टोल प्लाजा से गुजरने वाले चालकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई। शिविर में वाहनों को रुकवाकर चालकों को अभियान के उद्देश्य के बारे में जानकारी दी गई और उनका संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।

शिविर में चालकों की आंखों की जांच की गई और जिनकी नजर कमजोर पाई गई, उन्हें मौके पर ही निःशुल्क चश्मे दिए गए। वहीं बीपी, शुगर और अन्य बीमारियों से पीड़ित पाए गए चालकों को चिकित्सकीय परामर्श के साथ दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। इस अवसर पर चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ की टीम के साथ रिडकोर परियोजना निदेशक कैप्टन जितेंद्र सिंह शेखावत, टोल प्लाजा के मैनेजर खुर्शीद अहमद, परिवहन अधिकारी मनोज शर्मा, पिंटू सिंह व अन्य टोल प्लाजा स्टाफ उपस्थित रहा।”

रिडकोर के अधिकारी खुर्शीद अहमद, जो इस शिविर के आयोजकों में शामिल थे, ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देशन में आयोजित यह पहल सड़क सुरक्षा के लिए बड़ी राहत साबित होगी। उन्होंने कहा, कि “हादसों की बड़ी वजह केवल सड़क की खराबी या तेज गति नहीं होती, बल्कि कई बार वाहन चालकों की सेहत भी इसमें अहम भूमिका निभाती है। आंखों की कमजोरी, ब्लड प्रेशर और शुगर जैसी समस्याएं गाड़ी चलाने में खतरा पैदा कर सकती हैं। इसीलिए हमने चालकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें मुफ्त चश्मे और दवाइयां उपलब्ध करवाईं। हमारा प्रयास है कि यह शिविर लगातार आयोजित हों और चालकों में स्वास्थ्य व सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़े।”

गौरतलब है कि डीडवाना-कुचामन जिले से गुजरने वाले नेशनल और स्टेट हाइवे पर बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक सैकड़ों चालकों की जांच हो चुकी है। जिला कलेक्टर डॉ. महेंद्र खड़गावत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि जिले के अलग-अलग टोल प्लाजा पर हर महीने तीन शिविर लगाए जाएंगे। इस अभियान में पुलिस, परिवहन विभाग और स्वास्थ्य विभाग की भी भागीदारी होगी और उम्मीद है कि इससे जिले में सड़क हादसों में लगभग 25 प्रतिशत तक कमी लाई जा सकेगी।

जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर ने भी इसे व्यापक सड़क सुरक्षा योजना का हिस्सा बताया और कहा कि ब्लैक स्पॉट सुधारने के साथ-साथ इस तरह के स्वास्थ्य शिविर हादसों पर अंकुश लगाने में मददगार होंगे। वहीं कई चालकों ने शिविर को बेहद लाभकारी बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हर टोल प्लाजा पर किए जाएं तो यह सड़क हादसों को कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

error: News 1 Rajasthan