सभापति आसिफ खान के निलंबन के बाद, कुचामन में यहां भी मनाया जश्न । जानिए वजह….

मंगलवार को स्वायत्त शासन विभाग ने अलग-अलग आदेश जारी कर कुचामन नगर परिषद के सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को निलंबित कर दिया। भाजपा खेमे की यह लंबे समय से चली आ रही कोशिश थी, जो आखिरकार कामयाब हो गई। आदेश की जानकारी सोशल मीडिया पर आते ही भाजपा खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। लगातार पोस्ट, रील और मीम बनाकर अपनी खुशी जाहिर की गई और आतिशबाजी करके जश्न मनाया गया।

खान मोहल्ला में भी छाया उत्साह

सभापति के निलंबन की खबर शहर में आग की तरह फैली और इसका असर खान मोहल्ला इलाके में भी दिखाई दिया। यहां लोगों ने खुले तौर पर आसिफ खान और उनके भाई आरिफ खान का विरोध जताते हुए खुशी मनाई। ईदगाह के बाहर देर रात तक जमकर आतिशबाजी हुई और भारी संख्या में लोग जमा होकर निलंबन का समर्थन करते नजर आए।

निलंबन ने फिरौती प्रकरण की यादें हुई ताजा

यह विरोध महज निलंबन तक सीमित नहीं था, बल्कि इसकी जड़ें कुछ गहरी हैं । इस प्रकरण ने शहर में एक बार फिर उस चर्चित फिरौती मामले को ताजा कर दिया, जिसमें शहर के 5 कारोबारियों को धमकी मिली थी । उस वक्त मामले में दोषी ठहराए गए शफीक खान ,फहीम पठान, सरफराज खान और शोएब खान की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने थाने से अहिंसा सर्किल तक परेड निकाली थी। आरोप लगा था कि इस परेड को निकलवाने में आसिफ खान और उनके भाई आरिफ खान ने अपने रसूखात और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया। हालांकि दोनों भाइयों ने इन आरोपों को सिरे से नकार दिया था।इस घटना के बाद से ही आसिफ खान और उनके परिवार को अपने ही मोहल्ले में भारी विरोध झेलना पड़ा था। लोगों का मानना था कि आरोपियों को झूठे आरोपों में फंसाया गया था। 

पुलिस कार्रवाई पर उठा था सवाल

फिरौती प्रकरण में शहर के कई लोगों का मानना था कि पुलिस ने दबाव में आकर आरोपियों पर गंभीर धाराएं लगाईं और उन्हें फंसाया गया। यह मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। आरोपियों के परिजन आज भी न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहते हैं कि जल्द उन्हें इंसाफ मिलेगा। इस प्रकरण के बाद खान मोहल्ला में सभापति खान के खिलाफ माहौल और ज्यादा तीखा हो गया था।

सीसीटीवी विवाद में भी रहा नाम

फिरौती प्रकरण के बाद खान मोहल्ला में ईदगाह के बाहर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को लेकर भी लोगों ने सभापति आसिफ खान को जिम्मेदार ठहराया था। इस वजह से भी खान मोहल्ला क्षेत्र में उनके खिलाफ असंतोष बना रहा।

सभापति जाएंगे न्यायालय

दूसरी ओर, निलंबन के बाद सभापति आसिफ खान ने इस मामले को लेकर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से चर्चा की। उनका कहना है कि सभापति पद पर रहते हुए उन्होंने कानून के दायरे में रहकर ही काम किया है और जनता की सेवा को हमेशा प्राथमिकता दी है। इस निलंबन के खिलाफ वे अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे और उन्हें न्याय मिलने का पूरा भरोसा है।

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