नन्हे रोजेदार अयान और तनवीर का पहला रोजा, सहरी से इफ्तार तक घर में छाया रूहानी माहौल

कुचामन सिटी के निवासी मुन्ना जी इलाई के पौते अयान और तनवीर ने रमजान के पाक महीने में अपना पहला रोजा रखकर परिवार और मोहल्ले में खुशी की लहर दौड़ा दी। छोटी उम्र में इबादत के इस जज़्बे ने सभी का दिल जीत लिया।


सुबह सहरी के वक्त ही घर का माहौल रूहानियत से भर गया। अयान के पिता अलताफ और तनवीर के पिता दिलशाद ने बच्चों को प्यार से उठाया। घर की महिलाओं ने सहरी का खास इंतजाम किया। दोनों बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ,घर वालों के साथ सहरी की और रोजा रखने की नीयत की। दादा मुन्ना जी इलाई ने दोनों को दुआओं से नवाजा और समझाया कि रोजा सिर्फ भूखा-प्यासा रहने का नाम नहीं, बल्कि सब्र, अनुशासन और नेक नीयत का पैगाम है।

दिनभर अयान और तनवीर ने पूरे सब्र और हौसले के साथ रोजा रखा। कभी कुरआन शरीफ की तिलावत की, तो कभी घर के बड़ों के साथ जिक्र ए इलाही में शामिल हुए। परिवार के सदस्य समय-समय पर उनका हौसला बढ़ाते रहे। दोनों बच्चों के चेहरे पर थकान कम और इबादत की चमक ज्यादा नजर आ रही थी।शाम को इफ्तार से पहले पूरे घर में उत्साह का माहौल था।

जैसे ही इफ्तार का वक्त हुआ, दोनों नन्हे रोजेदारों ने खजूर और पानी से अपना पहला रोजा खोला। इस दौरान परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर इफ्तार किया और मग़रिब की नमाज अदा की।
रोजा मुकम्मल होने पर घरवालों ने अयान और तनवीर का फूल-मालाओं से स्वागत किया। मिठाई खिलाकर और गले लगाकर उनकी हौसला अफजाई की गई। यह पल पूरे परिवार के लिए गर्व और खुशी का अवसर बन गया।
इस मौके पर दादा मुन्ना जी इलाई ने भावुक होकर कहा कि बच्चों में छोटी उम्र से ही दीन और इबादत की भावना जागृत होना बहुत खुशी की बात है। हमें उन पर गर्व है। अल्लाह इन्हें नेक राह पर कायम रखे और कामयाबी अता फरमाए।

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