कुचामन सिटी, गोपाष्टमी के पावन अवसर पर गुरुवार को श्री समरिया सागर बालाजी गौशाला में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह से ओतप्रोत गोपाष्टमी महोत्सव का भव्य आयोजन हुआ। इस मौके पर हवामहल विधायक एवं हाथोज़ धाम के महंत स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने भारी तादाद में उपस्थित जन समुदाय के साथ गौमाता की पूजा-अर्चना की, उन्हें स्नान कराया और गौसेवा का संदेश दिया।
“धर्म की राह पर चलने वालों को मिलती हैं धमकियां, पर मैं नहीं डरता” — आचार्य
कार्यक्रम के दौरान स्वामी बालमुकुंद आचार्य ने मंच से प्रदेश और केंद्र सरकार का, गौसेवा और गायों के संरक्षण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं के लिए आभार जताया । उन्होंने कहा कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं — “कुछ समय पहले सीरिया से भी धमकी आई थी, लेकिन जो सत्य और धर्म के मार्ग पर चलता है, उसे अग्निपरीक्षा देनी ही पड़ती है। मैं सनातन धर्म, राष्ट्र और गौमाता की रक्षा के लिए हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहूंगा — चाहे विधायक रहूं या नहीं।”बाल मुकुंद आचार्य बोले कि “अगर हमें भारतीय संस्कृति और देश को बचाना है, तो हमें एक होना होगा। कुछ लोग समाज में फूट डालकर राज करना चाहते हैं — हमें ऐसे लोगों के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होना होगा।”
आचार्य ने राष्ट्रगान का सम्मान न करने वालों पर कटाक्ष करते हुए कहा — “आज कुछ लोगों को राष्ट्रगान बोलने में भी शर्म आती है, जबकि यही भूमि ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का संदेश देने वाली है।”

पारंपरिक स्वागत और पूजा-अर्चना से हुआ शुभारंभ
इससे पहले कार्यक्रम का शुभारंभ गौशाला के मुख्य द्वार पर हुआ, जहां अतिथियों का तिलक, माला और बैंड-बाजे के साथ पारंपरिक स्वागत किया गया। इसके बाद बालमुकुंद आचार्य ने श्रीकृष्ण भगवान का माल्यार्पण किया, गौ पूजन और दीप प्रज्वलन कर महोत्सव का शंखनाद किया।

गौपूजन, अन्नकूट और भक्ति की गूंज
गौशाला परिसर में गौ माताओं के लिए छप्पन भोग (अन्नकूट) सजाया गया और उनकी भव्य आरती संपन्न हुई। श्रद्धालुओं ने मंत्रोच्चार के बीच गौमाता की आराधना की और भजन-कीर्तन में भाग लेकर गौसेवा का संकल्प दोहराया। पूरा परिसर “जय गौमाता” और “गोविंद बोलो हरि गोपाल बोलो” जैसे भजनों से गूंज उठा।
गणमान्य और विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षेत्र के जाने माने समाजसेवी और गौ भक्त महावीर मूंदड़ा ने की।विशिष्ट अतिथियों में सुरेश सिखवाल (सभापति, नगर परिषद), भंवरसिंह भवाद (से.नि. उपनिरीक्षक, राजस्थान पुलिस), अर्जुनराम कड़वा (सरपंच, दिपपुरा), अशोक विजय (जिला प्रचारक, आरएसएस) और संत सुदर्शन महाराज मंचस्थ रहे।

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति:
ओमप्रकाश काबरा (अध्यक्ष, कुचामन विकास समिति), हिरालाल अग्रवाल (संरक्षक, गौशाला), श्याम सुंदर मंत्री, सुरेश मौर, नरसी अग्रवाल, हैमराज पारीक, डॉ. वी.के. गुप्ता, डॉ. गोविंदराम, सुखदेवपुरी , पवन कड़वा,देवीलाल दादरवाल, नरेन्द्र शर्मा सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मंच संचालन सत्य प्रकाश और मेघराज शास्त्री ने किया

इस अवसर पर गौशाला मंत्री मनोज जोशी ने कहा कि “गोपाष्टमी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की आत्मा है। गौसेवा से समाज में करुणा और एकता का संचार होता है। यह दिन हमें आत्मिक शांति और सांस्कृतिक गौरव दोनों प्रदान करता है।” वहीं गौशाला अध्यक्ष रामेश्वर लाल कड़वा ने कहा कि “गौमाता हमारी संस्कृति की जीवंत प्रतीक हैं। समरिया सागर गौशाला वर्षों से गौसेवा की परंपरा को जीवित रखे हुए है। हर वर्ष यह आयोजन और भी भव्य रूप ले रहा है, जिससे नई पीढ़ी भी गौसेवा के महत्व से जुड़ सके।”

कोषाध्यक्ष पवन अग्रवाल और व्यवस्थापक रामदेव कुमावत व श्रवण कुमावत ने कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभालने में विशेष भूमिका निभाई।
आयोजन के दौरान समर्पण, सेवा और भक्ति का अद्भुत संगम बना रहा। श्रद्धालुओं ने गौमाता की पूजा कर अन्नकूट प्रसाद का आनंद लिया।
