इंजीनियरिंग दिवस पर सर एम. विश्वेश्वरैया को किया गया नमन, कैड इंडेक्स की और से इंजीनियरों का हुआ सम्मान
सर विश्वेश्वरैया की जयंती पर श्रद्धांजलि

देशभर की तरह कुचामन सिटी में भी सोमवार को इंजीनियरिंग दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। इस मौके पर महान सिविल इंजीनियर, राजनेता और मैसूर के 19वें दीवान सर मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके योगदान को याद किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सर विश्वेश्वरैया का दूरदर्शी दृष्टिकोण आज भी युवाओं और इंजीनियरिंग क्षेत्र के लिए प्रेरणा है।

CAD इंडेक्स की ओर से हुआ आयोजन
यह आयोजन कुचामन के CAD इंडेक्स की ओर से किया गया। संचालक बी.एल. कुमावत और सी.आर. कुमावत ने बताया कि इंजीनियर के बगैर कुछ भी मुमकिन नहीं है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में प्रदेश के कई जिलों से आए इंजीनियरों का सम्मान किया गया है, साथ ही स्थानीय सरकारी विभागों के अभियंताओं को भी अभिनंदन किया गया।

विशिष्ट अतिथि और शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत खारिया सरपंच देवी लाल, अधिशासी अभियंता नेमीचंद , लायंस क्लब के पूर्व प्रान्तपाल श्याम सुंदर मंत्री और लायंस क्लब कुचामन फोर्ट के संस्थापक अध्यक्ष राम काबरा,बालाजी कॉलेज के रामेश्वर चौधरी, मोहन लाल सोनी ने फीता काटकर की। बड़ी संख्या में विद्यार्थी और क्षेत्र के प्रबुद्धजन इस अवसर पर मौजूद रहे।इस मौके पर खारिया सरपंच और भाजपा जिला महामंत्री देवी लाल दादरवाल ने कहा कि CAD इंडेक्स ने जिस तरह इंजीनियरिंग दिवस को जनहित से जोड़कर इंजीनियरों व विद्यार्थियों को एक साथ मंच दिया है, वह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज को तकनीक और प्रगति से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं और युवाओं को अपने भविष्य के लिए नई दिशा दिखाते हैं।
इंजीनियरों का हुआ सम्मान
आयोजन में न केवल जिले बल्कि प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए इंजीनियरों का सम्मान किया गया। इंजीनियरों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए और देश के विकास में इंजीनियरिंग की भूमिका पर विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियरिंग सिर्फ एक करियर नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की रीढ़ है।

विद्यार्थियों की प्रदर्शनी ने लूटी सराहना
कार्यक्रम में इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों ने अपने हुनर का परिचय देते हुए विभिन्न इंजीनियरिंग क्षेत्रों से जुड़े मॉडल्स की प्रदर्शनी लगाई। प्रदर्शनी ने न केवल छात्रों को प्रेरित किया बल्कि उपस्थित प्रबुद्धजनों ने भी उनकी रचनात्मकता की सराहना की। सर्वश्रेष्ठ मॉडल प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थियों को इंजीनियरों की ओर से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता नेमीचंद ने कहा कि 15 सितंबर को इंजीनियर दिवस मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन सर विश्वेश्वरैया का जन्म हुआ था। उन्होंने कहा—“सरकार विकास कार्यों की घोषणाएं करती है, लेकिन नींव में इंजीनियरों की मेहनत और चातुर्य छिपा होता है।”
सहायक अभियंता संदीप यादव ने बताया कि सिंचाई, जलविद्युत और सार्वजनिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में सर विश्वेश्वरैया के योगदान ने भारत के विकास की दिशा तय की। उनके अनुसार इंजीनियर्स डे सभी इंजीनियरों की उपलब्धियों का सम्मान करने का अवसर है।

भवन निर्माण सामग्री की स्टॉल भी आकर्षण का केंद्र
शहर के सरला बिड़ला कल्याण मंदपम में हुए आयोजन की एक और खासियत यह रही कि भवन निर्माण में उपयोग होने वाली विभिन्न सामग्रियों की स्टॉल भी विक्रेताओं द्वारा लगाई गई। आधुनिक तकनीक और सामग्रियों को देखने में लोगों ने विशेष रुचि दिखाई। पहली बार हुए इस आयोजन की सबने सराहना की।
