छीपान मदरसे में हुआ ईद मिलादुन्नबी का सालाना जलसा, बच्चों की प्रस्तुतियों ने जीता दिल

कुचामन सिटी। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर गुरुवार को मदरसा छीपान में एक शानदार जलसे का आयोजन किया गया। हर साल की तरह आयोजित इस सालाना जलसे में नन्हे-मुन्ने तल्बा व तालीबात ने अपने अंदाज में दीनी व तारीखी मालूमात पेश कर सभी का दिल मोह लिया। बच्चों ने पैग़म्बरे इस्लाम ﷺ की सीरत, कुरआनी इल्म और इस्लामी तौर-तरीकों पर जोश व जज़्बे से प्रोग्राम पेश किए, जिन्हें सुनकर सामईन मंत्रमुग्ध हो गए।

बच्चों ने पेश की इस्लाम धर्म से जुड़ी जानकारियां

कार्यक्रम में मदरसे के बच्चों ने हदीस शरीफ़, नमाज़ का तरीका, नमाज़े जनाज़ा की अदायगी, हज की जानकारी, कुरआन की सूरतें व पारों के नाम, मां-बाप के हक़ूक़, रोज़ा-ज़कात की अहमियत, खाने-पीने के आदाब, सवाल-जवाब और नातिया कलाम की प्रस्तुतियां देकर, श्रोताओं का दिल जीत लिया। नन्हे-मुन्नों की तक़रीरों और नातों को सुनकर जलसे में मौजूद सभी लोगों ने तारीफ की ।

औलमा व मेहमानों की रही शिरकत

मदरसा छीपान की कमेटी की सरपरस्ती में हुए इस जलसे में औलमा-ए-किराम के अलावा समाज के गणमान्य शख्सियतें भी मौजूद रहीं। इनमें जनाब ईक़बाल भाटी, डॉ. सलीम राव, उमर जी भाटी, अनवर राव, अनवर मौलानी, उमर मौलानी,

उस्मान जी टाक, मईनुद्दीन शेख, हबीब मौलानी, अब्बास खान, इमरान देवड़ा और सबीक अहमद उस्मानी शामिल रहे। जलसे की सदारत मौलाना साबिर हुसैन फ़ैज़ानी ने की, जो मदरसा छीपान और छीपा जामा मस्जिद के खिदमतगुजार भी हैं। कार्यक्रम की कामयाबी में मोहल्ला छीपान और कुचामन सिटी के लोगों का विशेष योगदान रहा।

पैग़म्बर-ए-इस्लाम ﷺ की तालीमात बताई

कार्यक्रम के दौरान उलेमाओं ने अपने संबोधन में बताया की इस्लाम धर्म के आखिरी पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब ﷺ ने दुनिया को अमन, भाईचारे, बराबरी और इंसाफ का पैग़ाम दिया। मोहम्मद साहब ने बताया कि हमें हर इंसान के साथ रहमदिली व मोहब्बत से पेश आना चाहिए।

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