गौरव का क्षण : IIT रुड़की के दीक्षांत समारोह में प्रियांशु जोशी को मिले चार बड़े पुरस्कार, कुचामन का नाम किया रोशन

डीडवाना-कुचामन जिले की धरती के होनहार बेटे प्रियांशु जोशी ने वह कर दिखाया है, जिस पर पूरा जिला, प्रदेश और समाज गर्व कर सके। देश के प्रतिष्ठित आईआईटी रुड़की के दीक्षांत समारोह में प्रियांशु ने चार बड़े पुरस्कार एक साथ जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि सिर्फ उनके परिवार की नहीं, बल्कि पूरे डीडवाना-कुचामन की शान है।

चार प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित

सिविल इंजीनियरिंग शाखा में असाधारण प्रदर्शन करते हुए प्रियांशु को एक साथ चार प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले। पिता प्रदीप जोशी ने बताया कि , प्रियांशु ने पहला अवॉर्ड मनमोहन दास सेठ स्वर्ण पदक के रूप में हासिल किया है । यह स्वर्ण पदक अपनी शाखा (ब्रांच) में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थी को दिया जाता है। प्रियांशु ने पूरे सिविल इंजीनियरिंग विभाग में सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। इसके साथ ही प्रियांशु को प्रभाकर स्वरूप सिविल इंजीनियरिंग पुरस्कार मिला है । यह पुरस्कार हर साल सिविल इंजीनियरिंग में उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रोजेक्ट वर्क और तकनीकी ज्ञान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी को मिलता है।


प्रियांशु ने श्री शिव नंदन स्वरूप और अवध नारायण भटनागर पुरस्कार भी हासिल किया है । यह पुरस्कार उन विद्यार्थियों को दिया जाता है, जो शैक्षणिक स्तर के साथ-साथ शोध और नवाचार में भी उत्कृष्ट योगदान देते हैं।यू होने बताया की इन तीन पुरस्कारों के साथ प्रियांशु को राय बहादुर सोहन लाल भाटिया पदक भी दिया गया है और यह पदक उन विद्यार्थियों का सम्मान है, जिन्होंने कठिन परिश्रम और लगन से लगातार उच्च स्तर का प्रदर्शन किया हो और संस्थान के गौरव को बढ़ाया हो। प्रियांशु जोशी के एक साथ चार प्रकार हासिल करने से उनको ,अपनी मेहनत, लगन और समर्पण के लिए देशभर में पहचान मिली है।

दीक्षांत समारोह में गरिमामयी उपस्थिति

समारोह में मुख्य अतिथि पंकज अग्रवाल, आईएएस (सचिव, ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार) मौजूद रहे। आईआईटी रुड़की के निदेशक पंत, उप निदेशक यू.पी. सिंह, आर.डी. गर्ग और नवीन अग्रवाल सहित कई गणमान्य शख्सियतों ने प्रियांशु की सफलता पर शुभकामनाएँ दीं।

परिवार का गर्व और भावनाएँ

प्रियांशु की ऐतिहासिक उपलब्धि पर जोशी परिवार और पूरे शहर में खुशी का माहौल है।इस मौके पर पिता प्रदीप जोशी ने कहा कि“यह पल हमारे लिए जीवन की सबसे बड़ी खुशी है। प्रियांशु की मेहनत ने कुचामन का नाम रोशन किया है।

बड़े पापा मनोज जोशी ने कहा कि यह हमारी परंपरा और संस्कारों की जीत है। प्रियांशु क्षेत्र के युवाओं के लिए मिसाल है। भतीजे की कामयाबी पर चाचा संदीप जोशी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इस उपलब्धि से साबित होता है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय से असंभव को भी हासिल किया जा सकता है। बड़े भाई, वरिष्ठ पत्रकार अभिमन्यु जोशी ने भावुक होकर कहा कि आज हम सबका सीना गर्व से चौड़ा हुआ है, यह केवल परिवार का नहीं बल्कि समाज और जिले का सम्मान है। बड़े भाई और एकलव्य एकेडमी स्कूल के संचालक अमन जोशी ने कहा कि प्रियांशु की यह सफलता युवा वर्ग को शिक्षा के साथ मेहनत का महत्व और लक्ष्य साधने का जज्बा सिखाने वाली है ।

प्रियांशु शहर के युवाओं के लिए बने मिसाल

प्रियांशु जोशी की यह कामयाबी कुचामन सिटी ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने यह साबित किया कि यदि लक्ष्य तय हो और उसे पाने का जुनून हो, तो मेहनत और लगन से हर मंज़िल हासिल की जा सकती है।

समाज और जिले की शान

प्रियांशु को इस अद्भुत सफलता पर कुचामन क्षेत्र की विभिन्न सामाजिक संस्थानों और शिक्षण संस्थानों ने हार्दिक शुभकामनाएँ दीं हैं और कहा कि यह गौरवशाली उपलब्धि पूरे जिले और समाज के लिए प्रेरणादायी है।

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