जैन समाज के व्रतधारियों ने दस लक्षण पर्व में दिखाया त्याग और संयम का अद्भुत उदाहरण

दिगम्बर जैन समाज में इन दिनों दस लक्षण पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर कुचामन सिटी के श्री दिगम्बर जैन अजमेरी मंदिर ट्रस्ट, परम अतिशयकारी पुरानी नसियां जी के तत्वावधान में कुचामन जैन समाज के कई व्रती इस महापर्व में संकल्पबद्ध होकर तप और साधना में लीन हैं।

व्रतीजनों में श्रीमती सुशीला देवी पहाड़िया धर्मपत्नी विमल चंद पहाड़िया, श्रीमती दीपिका बड़जात्या धर्मपत्नी कैलाश चंद बड़जात्या, श्रीमती राखी पाटोदी धर्मपत्नी विशाल पाटोदी, अमन पाटोदी सुपुत्र अजय कुमार पाटोदी, अमन पाटनी सुपुत्र मनोज कुमार पाटनी और नमन काला सुपुत्र निर्मल कुमार काला शामिल हैं। इनमें से अमन पाटनी और नमन काला विशेष रूप से मुरादनगर में परम पूज्य प्रसन्न सागर जी गुरुदेव के सानिध्य में रहकर दस लक्षण व्रत तपस्या कर रहे हैं।

ट्रस्ट की ओर से व्रतधारियों को शुभकामनाएं देते हुए अध्यक्ष जयकुमार पहाड़िया ने कहा कि “दसलक्षण पर्व का महत्व केवल व्रतधारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज के लिए त्याग और संयम का अनुपम संदेश है। हमारे व्रतीजन धर्म और साधना के द्वारा आत्मशुद्धि का जो आदर्श प्रस्तुत कर रहे हैं, वह हम सबके लिए अनुकरणीय है।”

कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष रांवका ने कहा कि “आज भौतिक युग की आपाधापी में सांसारिक इच्छाओं पर संयम रखकर तप साधना करना अत्यंत दुर्लभ है। हमारे समाज के व्रतीजनों ने जो संकल्प लिया है, वह न केवल उनकी आत्मा को पवित्र करेगा, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को धर्म की ओर प्रेरित करेगा।”

उपाध्यक्ष अशोक गंगवाल ने कहा कि “दसलक्षण पर्व जैन समाज का महान पर्व है, जिसमें दया, क्षमा, त्याग और साधना के माध्यम से आत्मा को शुद्ध किया जाता है। व्रतीजन जिस निष्ठा और श्रद्धा से यह व्रत कर रहे हैं, वह समाज में धर्मप्रभावक बनकर नई दिशा देगा।”

ट्रस्ट मंत्री मनोज पाण्ड्या, उपमंत्री संदीप पहाड़िया और कोषाध्यक्ष अजय ने भी व्रतधारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि समाज को ऐसे प्रेरणादायी उदाहरणों पर गर्व है।

समाजजन जिनेन्द्र प्रभु से प्रार्थना कर रहे हैं कि सभी व्रतधारियों का संकल्प धार्मिक उल्लास और श्रद्धा के साथ पूर्ण हो तथा उनका जीवन त्याग और संयम धर्म की प्रेरणा बनकर समाज को निरंतर आलोकित करता रहे।

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