डीडवाना-कुचामन पुलिस की त्वरित कार्रवाई : दहेज मृत्यु मामले में आरोपी पति सुभाष गिरफ्तार
डीडवाना-कुचामन जिले की चितावा पुलिस ने दहेज मृत्यु के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतका के पति सुभाष को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। यह मामला बीती 20 अगस्त की रात का है, जब लालास गांव निवासी विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका का शव उसके ससुराल के बाजरे के खेत में खेजड़ी के पेड़ पर फांसी के फंदे से लटका मिला था।

मामले में मृतका के भाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी बहन का विवाह 17 जनवरी 2019 को सुभाष पुत्र गोपालराम निवासी लालास के साथ हुआ था। विवाह के बाद से ही मृतका को पति सुभाष, ससुर गोपालराम, सास संतोष देवी, जेठानी सरिता सहित अन्य परिजन लगातार दहेज में 5 लाख रुपये और एक फोर-व्हीलर की मांग को लेकर परेशान कर रहे थे। पति सुभाष अपनी दिल्ली पुलिस की नौकरी का धौंस दिखाकर मृतका से मारपीट करता, गाली-गलौच करता और दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर जान से मारने और दूसरी शादी करने की धमकी देता था।
रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुचामन शहर नेमीचंद खारिया (RPS) और वृत्ताधिकारी अरविंद विश्नोई (RPS) के नेतृत्व में जांच शुरू की गई। पुलिस ने शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया और मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट की मदद से वैज्ञानिक जांच करवाई। गवाहों और परिजनों के बयान लिए गए और मृतका व आरोपियों के मोबाइल कॉल डिटेल का विश्लेषण किया गया।

जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक अरविंद विश्नोई ने बताया की अनुसंधान से यह खुलासा हुआ कि मृतका की मृत्यु हत्या नहीं बल्कि आत्महत्या है, जो पति सुभाष की ओर से लगातार की जा रही दहेज प्रताड़ना और उत्पीड़न का परिणाम थी। इस आधार पर पुलिस ने आरोपी पति सुभाष पुत्र गोपालराम, निवासी लालास को BNS की धारा 80 (2) दहेज मृत्यु के तहत गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहाँ से उसे पुलिस रिमांड पर भेजा गया। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच अब भी जारी है।
इस कार्रवाई में चितावा थाना उपनिरीक्षक रतिराम, हैडकॉन्स्टेबल पुखराज, कानि. कैलाशचंद (वृत कार्यालय कुचामन) और कानि. रमेश कुमार ने सक्रिय भूमिका निभाई।

इस बीच सोशल मीडिया पर इस प्रकरण को लेकर व्यापक आक्रोश देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोगों ने पोस्ट साझा कर आरोपी सुभाष की गिरफ्तारी और मृतका को इंसाफ दिलाने की मांग की। पीड़ित परिवार ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग के साथ प्रदेश सरकार में राजस्व राज्य मंत्री व स्थानीय विधायक विजय सिंह चौधरी और नागौर सांसद व रालोपा सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल को ज्ञापन सौंपे।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों का भी खंडन किया है। जांच अधिकारी अरविंद विश्नोई ने बताया की कुछ यूजर्स द्वारा यह प्रचारित किया गया था कि सुभाष ने पत्नी की हत्या कर दी और फरार हो गया, जबकि पुलिस अनुसंधान और साक्ष्यों से यह सामने आया कि यह आत्महत्या है, जो दहेज प्रताड़ना के कारण हुई। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय से पीसी रिमांड प्राप्त कर अग्रिम अनुसंधान जारी है।