कुचामन सिटी नगर परिषद कुचामन में निलंबन से खाली हुई सभापति की कुर्सी को शुक्रवार को नया मुखिया मिल गया। वार्ड 32 के पार्षद सुरेश सिखवाल ने तय मुहूर्त में नगर परिषद भवन पहुँचकर सभापति का पदभार संभाला। आयुक्त देवीलाल ने उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया, जिसके बाद परिषद परिसर शुभकामनाओं और बधाइयों से गूंज उठा।

भाजपा के “भीष्म पितामह” को किया पद समर्पित
कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद सुरेश सिखवाल ने भावुक क्षणों में सभापति का पद स्वर्गीय हरीश कुमावत को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कुमावत भाजपा के भीष्म पितामह थे, जिन्होंने जीवनभर उत्कृष्ट राजनीति की और वे हम सबके लिए आदर्श हैं। “कोशिश रहेगी कि उनके पदचिन्हों पर चलकर नगर परिषद की जिम्मेदारियों को निभाऊं और आमजन की समस्याओं का समाधान कर सकूं,” उन्होंने कहा।

मंत्री विजय सिंह चौधरी का जताया आभार
सिखवाल ने आगे कहा कि यह जिम्मेदारी उन्हें स्थानीय विधायक एवं राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी के आशीर्वाद और मार्गदर्शन से मिली है। उन्होंने मंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनकी प्रेरणा से ही यह संभव हो पाया है। राजनीतिक हलकों में सिखवाल को मंत्री चौधरी का विश्वासपात्र सिपहसालार माना जाता है, और उनकी ताजपोशी को भी इसी समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।

विकास और सफाई पर रहेगा फोकस
मीडिया से बातचीत में नए सभापति ने साफ संकेत दिए कि उनका फोकस विकास कार्यों और शहर की सफाई व्यवस्था पर रहेगा। उन्होंने कहा कि शहर में कई विकास कार्य लंबे समय से अटके हुए हैं, जिन्हें प्राथमिकता देकर गति दी जाएगी। साथ ही सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करना उनकी पहली जिम्मेदारी होगी। “जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करूंगा,” उन्होंने कहा।
स्वागत और मौजूदगी
पदभार ग्रहण के अवसर पर नगर परिषद के कार्मिकों, पार्षदों, भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं सहित बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे। परिषद परिसर में माहौल उत्साहपूर्ण रहा और समर्थकों ने फूलमालाओं से उनका स्वागत किया।

नया राजनीतिक अध्याय
गौरतलब है कि सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को हाल ही में स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया था। इसके बाद से ही नए सभापति को लेकर चर्चाएं तेज थीं और सुरेश सिखवाल का नाम सबसे आगे माना जा रहा था। आदेश जारी होते ही वे परिषद के नए मुखिया बन गए।
कुल मिलाकर, सुरेश सिखवाल की ताजपोशी न केवल नगर परिषद की राजनीति का नया अध्याय है, बल्कि इसे स्वर्गीय हरीश कुमावत को समर्पित करने के उनके भावुक कदम ने इसे ऐतिहासिक बना दिया है। अब शहरवासी उत्सुक हैं कि उनके नेतृत्व में कुचामन नगर परिषद विकास की नई राह पर किस गति से आगे बढ़ती है।
