कुचामन नगर परिषद की राजनीति में गुरुवार को बड़ा बदलाव दर्ज हुआ, जब स्वायत्त शासन विभाग ने आदेश जारी कर वार्ड नं. 32 के पार्षद सुरेश सिखवाल को नगर परिषद का सभापति बना दिया। आदेश के अनुसार उन्हें 60 दिनों तक अथवा राज्य सरकार के अगले आदेश तक सभापति का कार्यभार सौंपा गया है।

निलंबन के बाद उपजा राजनीतिक शून्य
इससे पहले परिषद के सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला को स्वायत्त शासन विभाग ने निलंबित कर दिया था। विभाग की और से जारी आदेशों में दोनों पद से हटा दिए गए, जिसके बाद नगर परिषद का शीर्ष पद खाली हो गया। इसके चलते परिषद में नए सभापति को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया था।

चर्चाओं पर विराम, सिखवाल की ताजपोशी
निलंबन प्रकरण के दौरान सक्रिय भूमिका निभाने वाले सुरेश सिखवाल का नाम पहले दिन से ही सबसे आगे माना जा रहा था। विभाग की ओर से गुरुवार देर शाम आदेश जारी होते ही सारी अटकलों पर विराम लग गया और सिखवाल को सभापति की कुर्सी मिल गई।

मंत्री विजय सिंह चौधरी के करीबी
सुरेश सिखवाल नगर परिषद की राजनीति में बेहद सक्रिय हैं और उन्हें स्थानीय विधायक एवं प्रदेश के राजस्व राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी का नजदीकी माना जाता है। राजनीतिक हलकों में उन्हें मंत्री का भरोसेमंद सिपहसालार कहा जाता है। जानकारों का मानना है कि उनकी नियुक्ति के पीछे उनकी सक्रियता और मेहनत के साथ-साथ मंत्री का विश्वास भी अहम कारण रहा है।

पदभार संभालते ही हुआ स्वागत
सुरेश सिखवाल के सभापति नियुक्त होने का आदेश आते ही नगर परिषद परिसर में उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। आयुक्त देवीलाल सहित नगर परिषद के कार्मिकों और उपस्थित लोगों ने सिखवाल का स्वागत किया। परिषद भवन में साफा और फूलमालाओं से उनका अभिनंदन किया गया । सुरेश सिखवाल कल शुक्रवार को नए सभापति के रूप में कार्यभार ग्रहण करेंगे।

सक्रिय और मुखर छवि
अपने वार्ड में मजबूत पकड़ रखने वाले सिखवाल परिषद की बैठकों में हमेशा मुखर रहे हैं। हाल ही में हुए घटनाक्रम के दौरान जिस तरह उन्होंने सक्रियता दिखाई और अधिकारियों से लगातार संपर्क में रहकर परिषद की स्थिति को संभालने की कोशिश की, उसने उन्हें नए पद के लिए सबसे मजबूत दावेदार बना दिया। यही वजह रही कि आदेश जारी होते ही उनका नाम बिना किसी विरोध के स्वीकार कर लिया गया।
