
कुचामन नगर परिषद के सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला के निलंबन को लेकर अब महिला कांग्रेस ने भी मोर्चा खोल दिया है। राजस्थान महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष सारिका चौधरी ने इस कार्रवाई को लोकतंत्र की हत्या और जनता के साथ अन्याय करार दिया।
सारिका चौधरी ने कहा कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों को बीच कार्यकाल में निलंबित करना भाजपा सरकार और स्थानीय विधायक की साज़िश को उजागर करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस फैसले के पीछे लोकतांत्रिक परंपराओं को कुचलने और राजनीतिक प्रतिशोध की मंशा साफ नज़र आती है।
दलित विरोधी मानसिकता का आरोप
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने भाजपा पर दलित विरोधी रवैये का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हाल ही में नावां नगर पालिका की दलित महिला चेयरमैन को स्वतंत्रता दिवस समारोह से दूर रखा गया और अब कुचामन नगर परिषद के दलित उपसभापति हेमराज चावला को निलंबित कर दिया गया। यह भाजपा की संकीर्ण सोच और दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण है।

लोकतांत्रिक परंपराओं पर प्रहार
सारिका चौधरी का कहना है कि भाजपा सरकार ने जनप्रतिनिधियों की गरिमा और जनता के भरोसे को ठेस पहुंचाई है। जनता द्वारा चुने गए सभापति और उपसभापति का निलंबन न केवल जनादेश का अपमान है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा हमला भी है।

बढ़ता सियासी तूफान
सभापति और उपसभापति के निलंबन के बाद पहले से गरमाई कुचामन नगर परिषद की राजनीति में महिला कांग्रेस के इस बयान ने और आग में घी डालने का काम किया है। भाजपा इसे भ्रष्टाचार पर कार्रवाई बता रही है, जबकि कांग्रेस और अब महिला कांग्रेस इसे लोकतंत्र की हत्या और दलित समाज के साथ अन्याय करार दे रही है
