कुचामन नगर परिषद में भूचाल : सभापति और उपसभापति दोनों निलंबित, सियासी समीकरण बदलने शुरू

डीडवाना-कुचामन जिले की राजनीति में लंबे समय से चल रही चर्चाओं पर आज सरकार ने बड़ा फैसला सुनाते हुए एक साथ नगर परिषद कुचामन सिटी के सभापति आसिफ खान और उपसभापति हेमराज चावला दोनों को निलंबित कर दिया। यही नहीं, हेमराज चावला को पार्षद पद से भी हटा दिया गया है। विभागीय जांच रिपोर्ट में आरोप सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई है, जिससे नगर परिषद और सियासी गलियारों में भूचाल आ गया है।
आसिफ खान के खिलाफ पद का दुरुपयोग और नियम विरुद्ध फैसलों का आरोप साबित हुआ, तो वहीं हेमराज चावला पर मस्ती प्लान के विपरीत पट्टा हासिल करने जैसे गंभीर आरोप सिद्ध हुए। दोनों ही मामलों पर विभागीय जांच रिपोर्ट और स्पष्टीकरण के बाद दोषी पाए जाने पर सरकार ने कड़ा रुख अपनाया और तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित कर दिया।

अब सबकी नजर दोनों नेताओं की अगली चाल पर है। माना जा रहा है कि आसिफ खान कोर्ट की शरण लेकर निलंबन आदेश को चुनौती दे सकते हैं, जबकि भाजपा खेमा इस पूरे घटनाक्रम पर दो हिस्सों में बंटा नजर आ रहा है। भाजपा पार्षद और नेता प्रतिपक्ष अनिल मेड़तिया ने जहां माना कि आसिफ खान ने पद का दुरुपयोग किया, वहीं उनका कहना है कि यह निलंबन भाजपा के लिए भविष्य में नुकसानदेह भी साबित हो सकता है।
अब कुर्सी किसके हाथ?
सभापति और उपसभापति दोनों के निलंबित होने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद कुचामन सिटी की कमान किसे मिलेगी। भाजपा खेमे की कोशिश है कि परिषद की कुर्सी पर उसका प्रतिनिधि बैठे, लेकिन लगातार निलंबनों ने हालात और पेचीदा कर दिए हैं।
कुचामन नगर परिषद की राजनीति में इस दोहरी कार्रवाई से नया समीकरण बनना तय है। आने वाले दिनों में यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि सत्ता की कुर्सी आखिर किसके हिस्से में जाती है और निलंबित नेता किस तरह अपनी सियासी जंग जारी रखते हैं।
