कुचामन सिटी नगर परिषद की बिगड़ती आर्थिक तंगी और राजनीतिक अस्थिरता को दूर करने की मांग उठी है। परिषद उपसभापति हेमराज चावला ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि करीब 20 माह पहले हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से परिषद की वित्तीय स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। करोड़ों रुपये के विकास कार्य व सफाई ठेकेदारों के भुगतान अटके पड़े हैं, वहीं लगभग 3 करोड़ रुपये बिजली विभाग के भी बकाया बताए जा रहे हैं। पिछले 16–17 महीनों से पार्षदों के मानदेय तक का भुगतान नहीं हुआ, जिससे छोटे–छोटे दैनिक खर्चों के लिए परिषद को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है।

चावला ने आरोप लगाया कि परिषद में भ्रष्टाचार और दुर्व्यवहार के झूठे आरोप लगाकर परिषद को राजनीतिक रूप से अस्थिर किया जा रहा है। इससे कार्यप्रणाली पर विपरीत असर पड़ रहा है और परिषद का विकास ठप हो गया है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की स्थायी समिति की अनुशंसा पर वित्तीय व राजनीतिक अस्थिरता को दूर करने हेतु राज्य मंत्री और क्षेत्रीय विधायक को हस्तक्षेप करना चाहिए।

उपसभापति चावला ने यह भी कहा कि राज्य सरकार से परिषद का लंबित वित्त आयोग का 10–12 करोड़ रुपये का भुगतान शीघ्र कराया जाए और परिषद को करोड़ों रुपये का विशेष वित्तीय पैकेज दिलाया जाए, ताकि रुके हुए विकास कार्य फिर से गति पकड़ सकें और नगर परिषद पटरी पर लौट सके।
