
हिंदू बहनों ने मुस्लिम विधायक को बांधी राखी, मकराना में भाईचारे की अनोखी मिसाल
रक्षाबंधन पर हजारों बहनों ने विधायक जाकिर हुसैन गैसावत को बांधा रक्षा सूत्र, सांप्रदायिक ताकतों को मिला करारा जवाब
डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना विधानसभा क्षेत्र में इस बार रक्षाबंधन का पर्व केवल एक पारंपरिक त्योहार नहीं रहा, बल्कि एक ऐतिहासिक सामाजिक संदेश बनकर सामने आया। विधायक निवास स्थान पर रविवार सुबह से ही बहनों का तांता लगा रहा। हर गांव और ढाणी से आई हजारों हिंदू बहनें हाथों में नारियल और राखी लेकर अपने मुस्लिम ‘भाई’ विधायक जाकिर हुसैन गैसावत के घर पहुंचीं।

थाली में सजाए दीप, रोली और मिठाई के साथ बहनों ने परंपरागत विधि से आरती उतारी, तिलक लगाया और विधायक की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधते हुए प्रदेश और क्षेत्र की खुशहाली की दुआ की। विधायक ने भी मिठाई खिलाई, नारियल दिया और हर बहन को उपहार भेंट किया।

कांग्रेस जिला अध्यक्ष और मकराना विधायक जाकिर हुसैन गैसावत इस अवसर पर भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि
“मैं मुस्लिम परिवार से हूं, लेकिन मेरी हिंदू बहनों ने जो प्यार और भरोसा मुझ पर जताया है, वह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। हजारों बहनों का मेरे घर आकर राखी बांधना न केवल मुझे गर्व महसूस कराता है, बल्कि यह समाज में प्रेम और भाईचारे की ताकत को भी दर्शाता है।“विधायक गैसावत ने कहा कि “आज का यह दृश्य उन सभी लोगों के लिए करारा जवाब है, जो हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत फैलाने का प्रयास करते हैं। यहां धर्म नहीं, रिश्ते की ताकत बोल रही है। यह त्योहार हमें सिखाता है कि हम सब एक परिवार हैं और भाई-बहन का बंधन किसी धर्म की सीमा में नहीं बंधा।”

मकराना में मनाया गया यह रक्षाबंधन केवल राखी का पर्व नहीं था, बल्कि सांप्रदायिक सद्भाव का जीवंत उदाहरण भी बन गया। हजारों हिंदू बहनों द्वारा मुस्लिम विधायक को राखी बांधना इस बात का प्रमाण है कि भारत की असली पहचान आपसी प्रेम, विश्वास और भाईचारे में बसती है। इस अनोखी घटना ने समाज को यह सिखाया कि जब दिलों में स्नेह और एकता की डोर बंधती है, तो नफरत की कोई ताकत उसे तोड़ नहीं सकती। यह नज़ारा उन सभी विभाजनकारी ताकतों के लिए स्पष्ट संदेश है कि भारत की आत्मा आपसी सद्भाव और एकता में ही बसती है।

