अध्यापक अरशद अख्तर के सौजन्य से विद्यार्थियों को मिले जूते-जुराब, बेल्ट-टाई — सीबीईईओ भंवरलाल बोले, “ऐसे शिक्षक ही बच्चों के भविष्य की सच्ची नींव हैं”

कुचामन सिटी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय केरपुरा रसाल में एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब विद्यालय में पहुंचे सीबीईईओ भंवरलाल ने अध्यापक अरशद अख्तर के सौजन्य से विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को जूते, जुराब, बेल्ट और टाई वितरित किए गए। इससे विद्यार्थियों के चेहरों पर उपहार पाकर मुस्कान छा गई।

इसके बाद सीबीईईओ भंवरलाल स्कूल का निरीक्षण किया, और विद्यार्थियों के उत्साह और शिक्षकों के समर्पण की खुलकर सराहना की।

इस अवसर पर अध्यापक अरशद अख्तर ने कहा कि “बच्चों की शिक्षा तभी निखरती है जब वे आत्मविश्वास से भरे हों, और छोटी-छोटी सुविधाएँ भी उनके मनोबल को बढ़ाती हैं।”

निरीक्षण के दौरान सीबीईईओ भंवरलाल ने बच्चों से प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यों की राजधानियों, पहाड़े एक से चालीस तक, तथा सामान्य ज्ञान से जुड़े सवाल पूछे, जिनके विद्यार्थियों ने तत्परता से सही उत्तर दिए। इस पर भंवरलाल ने कहा, “केरपुरा रसाल विद्यालय के विद्यार्थी ज्ञान और अनुशासन दोनों में मिसाल हैं। यहाँ के अध्यापक टीम भावना और सच्ची निष्ठा से बच्चों का भविष्य गढ़ रहे हैं।”सीबीईईओ ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को सुचारू और प्रेरक बताया। उन्होंने विशेष रूप से अध्यापक राजेंद्र प्रसाद द्वारा कक्षाओं में बनाई गई पेंटिंग्स की प्रशंसा की और कहा कि “ऐसी कलात्मकता बच्चों में रचनात्मक सोच को बढ़ावा देती है।”

लाइब्रेरी का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यालय की लाइब्रेरी व्यवस्था अनुकरणीय है, जिसे दूसरे विद्यालयों को भी अपनाना चाहिए। चित्र प्रदर्शनी को देखकर उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों की मेहनत की तारीफ की।

इस अवसर पर प्रधानाध्यापिका शोभा चारण, अध्यापक भवानी सिंह, राजेंद्र कुमार, अध्यापिका आशा कुमावत, मिड डे मील प्रभारी संजू शर्मा, एसएमसी अध्यक्ष रिडमल शर्मा, पीईईओ बलवीर सिंह, भेरू सिंह सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान अध्यापिका आशा कुमावत द्वारा कृष्ण भोग दिया गया जिसे संजू शर्मा द्वारा तैयार किया गया । जिसकी प्रशंसा सीबीईईओ भंवरलाल ने विशेष रूप से की।

विद्यालय के वातावरण, शिक्षकों के समर्पण और विद्यार्थियों के अनुशासन को देखकर सीबीईईओ ने कहा “केरपुरा रसाल विद्यालय वह उदाहरण है जहाँ शिक्षा केवल किताबों में नहीं, बल्कि व्यवहार और व्यवस्था में दिखती है। अरशद अख्तर जैसे शिक्षक समाज के लिए प्रेरणा हैं।”

error: News 1 Rajasthan