बीती 27 अगस्त को ,नाबालिग बालिका के अपहरण के बाद से पुलिस की नाकामी ने आखिरकार समाज के आक्रोश को सड़कों पर ला दिया। घटना के 14 दिन बाद तक कोई ठोस कार्रवाई न होने पर बुधवार को सर्व समाज की बैठक शिव मंदिर में हुई और वहां से एक विशाल जुलूस पुलिस थाने पहुंचा। थाने का घेराव कर लोगों ने थाने के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया, जो पूरे दिन चला।

धरनास्थल पर पूर्व विधायक महेंद्र चौधरी, कुमावत विकास समिति अध्यक्ष राजकुमार फौजी, नगरपरिषद सभापति आसिफ खान, उप सभापति हेमराज चावला, जिला परिषद सदस्य बाबूलाल पलाड़ा, खारिया सरपंच देवीलाल दादरवाल, भाजपा मंडल अध्यक्ष बाबूलाल मारवाड़ा, भाजपा ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष डॉ. राजाराम प्रजापति,

युवा नेता सत्यनारायण कुमावत, मुकेश कुमावत, प्रो. सुरेश खींची, भाजपा नेता ज्ञानाराम रणवा,गजेंद्र कांसोटिया और दिलीप सिंह हिराणी ने संबोधन किया। वक्ताओं ने पुलिस की ढीली कार्यशैली पर तीखा असंतोष जताया और आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों की मिलीभगत से ही आरोपी अब तक फरार है और बालिका के परिजनों का बुरा हाल है ।

धरने पर बैठे लोगों ने साफ कर दिया कि जब तक जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक धरनास्थल पर नहीं पहुंचेंगे, तब तक किसी भी स्तर पर बातचीत नहीं होगी। पहले विधायक और राज्य मंत्री विजय सिंह चौधरी पहुंचे, लेकिन लोग नहीं माने। इसके बाद जिला पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर मौके पर पहुंचीं और लोगों को संबोधित किया।

उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार काम कर रही है, साइबर एक्सपर्ट भी मामले पर निगरानी रखे हुए हैं और जल्द ही अपहृत बालिका को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

धरनास्थल पर मौजूद लोगों ने यह भी मांग रखी कि पुलिसकर्मियों की लापरवाही से आरोपी अब तक पकड़ा नहीं जा सका है, इसलिए जिम्मेदार कार्मिकों को निलंबित किया जाए। इस मांग पर कुछ देर तक गतिरोध रहा, जिसके बाद सहमति बनी कि दो पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया जाएगा और उनकी भूमिका की जांच मकराना डीएसपी भवानी सिंह करेंगे। यदि जांच में लापरवाही या संलिप्तता साबित होती है तो उन्हें तत्काल निलंबित किया जाएगा।
इस आश्वासन और सहमति के बाद देर शाम धरना समाप्त कर दिया गया। हालांकि लोगों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बालिका की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन शुरू किया जाएगा जो उग्र रूप भीले सकता है।
ये है मामला
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक बीती 27 अगस्त की सुबह 11 बजे उसकी नाबालिग बेटी प्रसाद लेने दुकान गई थी, तभी कार में आए दो युवक—कमल चौधरी पुत्र मोहनाराम चौधरी निवासी राधे पब्लिक स्कूल के पास और दिनेश पुत्र गंगाराम कुमावत निवासी रेगरी कोठी कुचामनसिटी—उसे जबरन उठा ले गए। पीड़ित परिवार की ओर से थाने में नामजद रिपोर्ट दर्ज करवाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी।

आंदोलन की गूंज सोशल मीडिया पर भी, X पर चला हैशटैग
कुचामन के इतिहास में पहली बार किसी आंदोलन में सोशल मीडिया नेटवर्क X (ट्विटर) का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हुआ। कुमावत समाज के युवाओं ने सरकार तक अपनी बात पहुंचाने के लिए #कुचामननाबालिगअपहरण हैशटैग के साथ पोस्ट करना शुरू किया। रात 08 बजकर 50 मिनट पर कुचामन सिटी से एक साथ हजारों पोस्ट किए गए और देखते ही देखते यह मुद्दा सोशल मीडिया पर भी चर्चा का केंद्र बन गया।
