डीडवाना के सिग्मा साइंस एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में वार्षिक उत्सव ‘गोरबंध’ बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय माहौल में आयोजित किया गया। रंग-बिरंगी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान और प्रेरणादायक उद्बोधनों के बीच यह कार्यक्रम शिक्षा, संस्कार और प्रतिभा के संगम का साक्षी बना। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) मेनपाल सिंह शेखावत ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ शिक्षाविद अकीक अहमद उस्मानी, कांग्रेस शिक्षक प्रकोष्ठ अध्यक्ष निसार अहमद सिद्दीकी, नील कमल शर्मा,शिक्षाविद मुतलिब कोटवाल, पूजा इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक बजरंग सिंह राठौड़, पन्ना राम, रामेश्वर लाल, पुखराज सैनी, अनुराधा शर्मा, श्रवण मंडा, अयूब रंगरेज, रामा किशन, हरी राम हुडा, रामेश्वर ज्याणी और पुनीत जांगिड़ मौजूद रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत उद्बोधन से हुई। प्रधानाचार्य अरफ़त अली ने विद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गत वर्ष सिग्मा साइंस एकेडमी के 31 विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में चयन हुआ, जो संस्था के लिए गर्व की बात है। इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को संस्था निदेशक जाकिर अली और नागौर फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव फरहत अली द्वारा सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान विद्यार्थियों के चेहरे पर आत्मविश्वास और खुशी साफ झलक रही थी।

मुख्य अतिथि CBEO मेनपाल सिंह शेखावत ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन, निरंतर अभ्यास और स्पष्ट लक्ष्य ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी अगर समय का सही उपयोग करे और मेहनत को आदत बना ले, तो वह किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकता है। उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों को सकारात्मक वातावरण देकर उनकी प्रतिभा को निखारने में सहयोग करें।

संस्था निदेशक जाकिर अली ने अपने संबोधन में कहा कि सिग्मा साइंस एकेडमी का उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कारवान, आत्मनिर्भर और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाना भी प्राथमिक लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि विद्यालय लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ-साथ खेल, सांस्कृतिक गतिविधियों और व्यक्तित्व विकास पर भी विशेष ध्यान दे रहा है।

वरिष्ठ शिक्षाविद अकीक अहमद उस्मानी ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि ज्ञान के साथ चरित्र निर्माण भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का आह्वान किया और कहा कि आज के बच्चे ही कल का भविष्य हैं, इसलिए उन्हें जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ना होगा।
बजरंग सिंह राठौड़ ने अपने उद्बोधन में कहा कि ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्र के विद्यार्थियों में भी अपार प्रतिभा छिपी है, जरूरत है तो सिर्फ सही मार्गदर्शन और अवसर देने की। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ता है और मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलता है।

मुतलिब कोटवाल और निसार अहमद सिद्दीकी ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के डिजिटल युग में शिक्षा के साथ तकनीक का सही उपयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों से मोबाइल और इंटरनेट का सकारात्मक उपयोग करने की अपील की और कहा कि अनुशासित जीवनशैली ही उज्ज्वल भविष्य की नींव रखती है।

कार्यक्रम में फिल्म और ओटीटी क्षेत्र से जुड़े कलाकार सोहेल सिद्दीकी की प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने मनोरंजक अंदाज में मोबाइल और इंटरनेट के दुष्प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों और अभिभावकों को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि तकनीक का सही उपयोग हमें आगे बढ़ाता है, लेकिन उसका अत्यधिक और गलत इस्तेमाल समाज और युवाओं के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यालय के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, लोकनृत्य, नाटक और समूह नृत्य जैसी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ कलाकार विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और सभी ने इस सफल आयोजन के लिए विद्यालय परिवार को शुभकामनाएं दीं।
