कुचामन सिटी के ऐतिहासिक और गौरवशाली ज्ञान मंदिर श्री कुचामन पुस्तकालय की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रविवार, 11 जनवरी को शताब्दी समारोह का भव्य आयोजन किया जा रहा है। एक सदी से अधिक समय से यह पुस्तकालय ज्ञान, संस्कार और बौद्धिक चेतना की अलख जगा रहा है। शताब्दी महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि परंपरा और आधुनिक सोच के संगम का प्रतीक बनेगा, जिसमें पुस्तकालय की अब तक की यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं सामने आएंगी।
श्री कुचामन पुस्तकालय ने स्थापना काल से ही निरंतर आगे बढ़ते रहने के सिद्धांत को अपनाया है। इसी सोच के साथ नव-निर्वाचित कार्यकारिणी पुस्तकालय को समय की जरूरतों के मुताबिक और अधिक उपयोगी बनाने में जुटी हुई है।
वर्तमान कार्यकारिणी के अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल के नेतृत्व में पुस्तकालय के बुनियादी ढांचे, अध्ययन सुविधाओं और पाठक-अनुकूल माहौल को मजबूत किया जा रहा है। पूर्व कार्यकारिणियों के प्रयासों से पुस्तकालय भवन में सिरेमिक टाइल्स से नवीनीकरण, आधुनिक व सुसज्जित सभा-कक्ष का निर्माण, ध्वनि विस्तारक यंत्रों की व्यवस्था और अध्ययन कक्ष में एसी सुविधा शुरू की गई। इसके साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्टूडेंट कॉर्नर भी बनाया गया, जिससे युवाओं को बेहतर पढ़ाई का वातावरण मिल सके।
पुस्तकालय सचिव रामनिवास कुमावत ने बताया कि मौजूदा कार्यकारिणी ने पुस्तकालय के आमूल-चूल बदलाव का संकल्प लिया है। इसके तहत छत की पूरी मरम्मत और जल-रोधक कार्य, भवन के अंदर-बाहर रंग-रोगन, पुस्तकालय कॉर्नर का उन्नयन और ई-लाइब्रेरी व डिजिटल अध्ययन कक्ष की स्थापना की जा रही है। इसके अलावा वर्षा जल संरक्षण के लिए टांका (हौद), सौर ऊर्जा से बिजली व्यवस्था, सेमिनार हॉल का निर्माण और दिव्यांगजनों के लिए लिफ्ट सुविधा जैसे काम भी प्रस्तावित हैं। इन सभी प्रयासों से पुस्तकालय को एक आधुनिक, संस्कारवान और सबके लिए सुलभ ज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

पुस्तकालय अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल ने कहा कि श्री कुचामन पुस्तकालय केवल किताबों का घर नहीं, बल्कि पीढ़ियों को दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है। शताब्दी समारोह के जरिए हम इसकी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने और इसे आधुनिक स्वरूप देने का संकल्प दोहरा रहे हैं।
सचिव रामनिवास कुमावत ने कहा कि हमारा प्रयास है कि आने वाले समय में पुस्तकालय युवाओं, विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए और अधिक उपयोगी बने। डिजिटल सुविधाओं के साथ-साथ संस्कार और अध्ययन का वातावरण हमारी प्राथमिकता है।
कोषाध्यक्ष कालीचरण व्यास ने बताया कि शताब्दी वर्ष को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों के लिए संसाधनों की मजबूत योजना बनाई गई है, ताकि पुस्तकालय आत्मनिर्भर और दीर्घकाल तक उपयोगी बना रहे।
शताब्दी समारोह का कार्यक्रम
शताब्दी समारोह दो चरणों में आयोजित किया जाएगा।
पहले चरण में दोपहर 12:15 बजे बस स्टैंड परिसर स्थित श्री कुचामन पुस्तकालय में नवनिर्मित ई-लाइब्रेरी, सोलर प्लांट और स्टूडेंट कॉर्नर का लोकार्पण होगा।
दूसरे चरण में दोपहर 01:15 बजे स्काई वर्ल्ड रिसोर्ट, बुड्सू रोड पर स्मारिका विमोचन, वेबसाइट लोकार्पण, सम्मान समारोह और मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।

मुख्य अतिथि और विशिष्टजन
पुस्तकालय अध्यक्ष शिवकुमार अग्रवाल और उपाध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र कुमार पारीक ने बताया कि शताब्दी समारोह के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के उप मुख्यमंत्री प्रेमचन्द बैरवा होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्य मंत्री (राजस्व, उपनिवेश एवं सैनिक कल्याण विभाग) विजय सिंह चौधरी करेंगे। विशिष्ट अतिथि के रूप में उद्योगपति एवं समाजसेवी ओमप्रकाश भोमराजका उपस्थित रहेंगे।
शताब्दी समारोह को लेकर नगरवासियों, साहित्य-प्रेमियों और बुद्धिजीवियों में खासा उत्साह है। आयोजन समिति ने सभी से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने की अपील की है। इस मौके पर सत्यनारायण मोर, मुरारी गौड़, विमल पारीक, प्रकाश दाधीच, कालीचरण व्यास, बनवारी लाल मोर और मोहम्मद शकील सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

