सुदरासन की बेटियों ने बढ़ाया गांव का मान, राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल में बनाई पहचान

विशेष रिपोर्ट / डीडवाना–कुचामन जिले के सुदरासन गांव में फुटबॉल के माध्यम से प्रदेश और देश स्तर पर पहचान बना चुकी होनहार बेटियों के सम्मान में एक भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। एरेना फुटबॉल एकेडमी और ग्रामीणों के संयुक्त तत्वावधान में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण, खेल प्रेमी, अभिभावक और खिलाड़ी मौजूद रहे। समारोह में उन बालिकाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी मेहनत और लगन से राष्ट्रीय व राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में गांव का नाम रोशन किया।

आंकड़ों में सुदरासन की ऐतिहासिक उपलब्धि

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने बताया कि सुदरासन की बेटियां अब केवल गांव तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि प्रदेश और देश के खेल मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बना चुकी हैं। अब तक गांव की बालिकाएं 38 से अधिक राज्य स्तरीय फुटबॉल प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी हैं, जबकि 16 बालिकाएं राष्ट्रीय स्तर पर फुटबॉल खेल चुकी हैं। 18 बालिकाओं का उच्च स्तरीय प्रशिक्षण के लिए चयन हुआ, जिनमें से 16 ने राजस्थान टीम में जगह बनाई। वहीं कोटा स्थित राजकीय बालिका फुटबॉल अकादमी में 9 बालिकाओं का चयन सुदरासन के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है।

मैदान की बदहाली बनी चिंता का विषय

सम्मान समारोह के साथ ही गांव के खेल मैदान की जर्जर स्थिति को लेकर भी गंभीर चिंता जताई गई। ग्रामीणों और खिलाड़ियों ने बताया कि जिस मैदान में बालिकाएं अभ्यास करती हैं, वहां न घास है, न समतल सतह और न ही बुनियादी खेल सुविधाएं। मिट्टी से भरे मैदान, गड्ढे और चारदीवारी के अभाव में खिलाड़ियों को चोट लगने का खतरा बना रहता है, जिससे नियमित अभ्यास में बाधा आती है।

ग्रामीणों की आवाज़: सुविधाएं मिलें तो और निखरेगी प्रतिभा

गांव के खेलप्रेमी हाजी इकबाल ने कहा कि सुदरासन की बेटियों ने पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा किया है, लेकिन अफसोस की बात है कि उन्हें अभ्यास के लिए एक ढंग का मैदान तक उपलब्ध नहीं है। यदि सरकार और प्रशासन मैदान का विकास कर दे, तो यही बेटियां देश के लिए मेडल ला सकती हैं। वही युनूस खान फौजी ने कहा कि गांव की बेटियां विपरीत हालात में भी राष्ट्रीय स्तर तक पहुंची हैं। यह उनकी मेहनत और हौसले का परिणाम है। अब जरूरत है कि प्रशासन आगे आए और खेल संसाधन उपलब्ध कराए, ताकि भविष्य और उज्ज्वल हो सके।

खिलाड़ियों की जुबानी संघर्ष और सपने

एरेना अकादमी के जरिए राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व कर चुकी अफरीन ने बताया कि सुविधाओं की कमी के बावजूद उन्होंने कभी हार नहीं मानी। मिट्टी के मैदान पर अभ्यास कर यहां तक पहुंचना आसान नहीं था, लेकिन कोच और गांव के सहयोग से वे आगे बढ़ती रहीं। यदि मैदान बेहतर हो जाए तो प्रदर्शन और निखर सकता है। नेशनल प्लेयर रुचिका ने कहा कि सुदरासन की बेटियां आज जो भी मुकाम हासिल कर पाई हैं, वह निरंतर अभ्यास और अनुशासन का नतीजा है। बेहतर सुविधाएं मिलें तो गांव से और भी राष्ट्रीय खिलाड़ी निकलेंगे। उन्होंने भामाशाह डॉक्टर सोहन चौधरी का भी इस मौके पर आभार जताया । क्षेत्र की एक और प्रतिभा नेशनल प्लेयर चंदू जाखड़ ने कहा कि फुटबॉल ने उन्हें पहचान दी है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने बड़े सपने देखे और उन्हें पूरा करने की कोशिश की। सरकार से उम्मीद है कि खेल मैदान का विकास जल्द होगा।

भामाशाह सोहन चौधरी का ऐलान, प्रतिभाओं को मिलेगा संबल

एरेना सोकर एकेडमी के संचालक और क्षेत्र के भामाशाह डॉ. सोहन चौधरी ने कहा कि सुदरासन की बेटियां पूरे समाज के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने ऐलान किया कि एरेना फुटबॉल एकेडमी के माध्यम से प्रतिभाशाली बालिकाओं को आगे भी बेहतर प्रशिक्षण, खेल सामग्री और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि कोई भी प्रतिभा संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।भामाशाह सोहन चौधरी ने कहा कि दो उन्होंने करीब दो वर्ष पूर्व सुदरासन में एरेना फुटबॉल एकेडमी की शुरुआत इस सोच के साथ की थी कि गांव की प्रतिभाशाली बेटियों को सही मार्गदर्शन और मंच मिल सके। उन्होंने कहा कि आज उसी मेहनत का परिणाम है कि सुदरासन की बालिकाएं राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सफर यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि आगे भी बालिकाओं की प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें आगे लाने का सिलसिला लगातार जारी रहेगा। एकेडमी के माध्यम से प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और सहयोग के प्रयास भविष्य में भी जारी रहेंगे, ताकि कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी संसाधनों के अभाव में पीछे न रह जाए।

जिला फुटबॉल संघ का समर्थन, खिलाड़ियों को मिलेगा निरंतर मार्गदर्शन

कार्यक्रम के दौरान नागौर जिला फुटबॉल संघ के सचिव सैयद फरहत अली और उपाध्यक्ष शबीक़ अहमद उस्मानी ने सुदरासन की बालिकाओं की उपलब्धियों की सराहना की। सचिव सैयद फरहत अली ने कहा कि सुदरासन की बेटियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही मंच और मार्गदर्शन की थी, जो अब मिल रहा है। उन्होंने कहा कि जिला फुटबॉल संघ की ओर से इन खिलाड़ियों को आगे भी तकनीकी प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं में भागीदारी और चयन प्रक्रिया में पूरा सहयोग दिया जाएगा।

वहीं उपाध्यक्ष शबीक़ अहमद उस्मानी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर बालिकाओं का राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना यह साबित करता है कि यदि समय पर अवसर और मार्गदर्शन मिल जाए तो प्रतिभाएं किसी भी मंच पर खुद को साबित कर सकती हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संघ भविष्य में भी सुदरासन की बालिकाओं को बेहतर अवसर दिलाने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा।

संस्थाओं का भरोसा, मैदान सुधार की पहल जल्द

कार्यक्रम में मौजूद वर्ल्ड पीस हार्मनी संस्था के प्रदेश अध्यक्ष गुलाब नबी आज़ाद ने भरोसा दिलाया कि संस्था जल्द ही खेल मैदान और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक कदम उठाएगी। वहीं राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शकील सैफी ने वीडियो कॉल के जरिए घोषणा की कि सुदरासन के खेल मैदान की दशा सुधारने के लिए संस्था ठोस प्रयास करेगी।

प्रशासन से मांग, ताकि और ऊंची उड़ान भर सकें बेटियां

कार्यक्रम के अंत में खिलाड़ियों और ग्रामीणों ने प्रशासन व सरकार से सुदरासन के खेल मैदान को विकसित करने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि यदि मैदान का विकास हो जाए, तो सुदरासन की बेटियां भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश और प्रदेश का नाम रोशन कर सकती हैं।

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